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हाइड्रो यूनियन के पदाधिकारियों का प्रदर्शन

Mon, 11 Jan 2016 11:00 PM IST
शाहजहांपुर।
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पॉवर कारपोरेशन के मस्टर रोल कर्मचारी द्वारा हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंपलाइज यूनियन के उपाध्यक्ष राम विलास को धमकाए जाने के मामले में तहरीर दिए जाने के बावजूद थाना सदर बाजार पुलिस और विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में यूनियन के पदाधिकारियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली। उन्होंने बहादुरगंज पॉवर सब स्टेशन में प्रदर्शन किया और एक्सईएन को ज्ञापन देकर आरोपी कर्मचारी और उसके साथी को विभाग की सेवा से बर्खास्त करने की मांग की।
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कर्मचारी नेता राम विलास के अनुसार गत शुक्रवार को उनके साथ यह घटना उस वक्त हुई जब वह बहादुरगंज सब स्टेशन के यूनियन कार्यालय में कर्मचारी हित के मुद्दों पर अन्य पदाधिकारियों से विचार विमर्श कर रहे थे। इसी बीच, वहां पहुंचे एक मस्टर रोल कर्मचारी और उसके साथियों ने उनसे गाली गलौज करके हाथ-पैर तोड़ देने की धमकी दी। तहरीर में कर्मचारी नेता ने कहा कि मस्टर रोल कर्मचारी ने अनियमितताओं की शिकायतें किए जाने से नाराज होकर धमकाया।
प्रदर्शन के दौरान हुई यूनियन की सभा में आरोपी कर्मचारियों से कुली का कार्य लेने के बजाय उनके माध्यम से दलाली, चेकिंग और धन उगाही के अन्य तरीके अपनाए जाने पर कड़ी आपत्ति की गई। एक्सईएन एसके श्रीवास्तव को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि आरोपी कर्मचारियों को विभाग की सेवा से अलग नहीं किए जाने पर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में यूनियन के खंडीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार शर्मा, मध्यांचल इकाई अध्यक्ष केके खुराना, केंद्रीय महामंत्री केके शर्मा आदि शामिल रहे।
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यूनियन के विरोध में उतरी
संयुक्त संघर्ष समिति
कर्मचारी नेता को धमकाने के मामले में हाइड्रो यूनियन को अफसरों पर दबाव बनाते देख आरोपी कर्मचारियों का बचाव करने के लिए विभाग की संयुक्त संघर्ष समिति सोमवार को यूनियन के विरोध में उतर आई। समिति के सदस्य शैलेंद्र कुमार पांडेय, सुखपाल सिंह, बशीर अहमद आदि ने अधीक्षण अभियंता आरके अग्रवाल से भेंट की और उन्हें ज्ञापन देकर हाइड्रो यूनियन के नेता राम विलास पर कई गंभीर आरोप लगाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारी नेता राम विलास ने तमाम लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा दिलाकर विभाग के विरुद्ध फर्जी वाद दायर कर रखे हैं जिससे विभाग को करोड़ों रुपये की वित्तीय हानि हो रही है। ज्ञापन के अनुसार यूनियन नेता कर्मचारियों और अधिाकारियों पर दबाव बनाने के लिए फर्जी शिकायतें करते हैं। ऐसी दशा में किसी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना होने पर यूनियन नेता को दोषी माना जाए।
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