शाहजहांपुर। शहर के अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में सौ बेड के अस्पताल का निर्माण 18 करोड़ रुपये के फेर में फंस गया है।
नौ करोड़ रुपये पूर्व का ठेकेदार लेकर चला गया, जबकि इतने ही रुपये फिर शासन से मांगे गए हैं। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दो साल से बंद अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जगी है। संभावना है कि जल्द ही बजट जारी होने से टेंडर प्रक्रिया होने के बाद काम शुरू हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के निर्माण के दौरान ही सौ बेड अस्पताल की नींव रखी गई थी। जिगनेरा में मेडिकल कॉलेज व अजीजगंज में सौ बेड अस्पताल का भवन 193 करोड़ रुपये में बनना था। दोनों का निर्माण कार्य पूरा करने की मियाद वर्ष 2018 रखी गई थी। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने अनिल कुमार एंड संस को जिम्मेदारी दी थी।
मेडिकल कॉलेज बन गया, लेकिन अस्पताल नहीं बन सका। ग्राउंड फ्लोर मिलाकर छह मंजिला इमारत बननी है। अक्तूबर 2023 में ठेकेदार ने काम बंद करा दिया। मात्र 20 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण होने पर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद और तब के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने निरीक्षण में नाराजगी भी जताई थी।
कार्य धीमी गति से होने पर ठेकेदार का अनुबंध भी समाप्त हो गया। दो साल के बाद भी स्थिति जस की तस है। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में कार्य करने वाला ठेकेदार नौ करोड़ रुपये लेकर चला गया। अनुबंध समाप्त होने के बाद उससे रिकवरी भी नहीं हो पाई है।
अब इतने ही रुपये चिकित्सा शिक्षा विभाग से मांगे गए हैं। दोनों जगह से धनराशि आने के बाद कार्य शुरू होने की उम्मीद है। डीएम के मुख्यमंत्री योगी से मिलने के बाद रकम मिलने की उम्मीद जगी है।
रुपये ले गया ठेकेदार, छोड़ा सामान भी हो गया बर्बाद
पूर्व में कार्यरत ठेकेदार भले ही नौ करोड़ रुपये लेकर चला गया, लेकिन वह काफी सामान छोड़ गया। निर्माणाधीन भवन में बड़ी संख्या में सीमेंट की बोरियां, जनरेटर, सरिया आदि पड़ा हुआ है। इसी तरह जिगनेरा में भी काफी सामान पड़ा है। सीमेंट की बोरियां खराब होकर पत्थर बन गईं हैं। बताते हैं कि अनुबंध समाप्त होने के बाद निर्माण निगम के अफसरों ने सामग्री को बाहर जाने से रोकने के निर्देश दिए थे। सुरक्षाकर्मियों ने सामान बाहर नहीं जाने दिया तो वह बर्बाद हो गया।
भवन बनने से मिलेगी मरीजों को राहत
सौ बेड के अस्पताल का निर्माण होने से राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेड की मारामारी खत्म हो जाएगी। वायरल बुखार, मलेरिया आदि रोग फैलने पर अस्पताल में बेड मिलना मुश्किल होता है। तब अतिरिक्त बेड डलवाकर उपचार दिया जाता है। सौ बेड बढ़ने से मरीजों को आसानी से बेड मिल सकेगा।
गत दिनों प्रमुख सचिव बदल गए हैं। नए सचिव के संज्ञान में पूरा मामला डालेंगे। संभावना है कि जरूर ही कुछ हल निकलेगा और बजट जारी होगा। तब प्रक्रिया को शुरू कराकर राहत दी जाएगी।
- प्रयांक सिंह, एई, उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम