शाहजहांपुर / जैतीपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेली-मीरानपुर कटरा के बीच हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम लगने की दशा में जिन वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को गुजारा जाता है वे भी काफी खस्ताहाल है। मार्गों की स्थिति इतनी खराब है कि सिर्फ 17 किमी का सफर तय करने में एक से सवा घंटा लग जाता है।
हुलासनगरा क्रॉसिंग पर जाम लगने की दशा में वाहनों को जैतीपुर क्षेत्र से होकर बरेली और दातागंज होते हुए बदायूं को निकाला जाता है। जैतीपुर-दातागंज मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा कटरा-बिल्हौर (कानपुर) का राजकीय राजमार्ग जुड़ता है। यह स्टेट हाईवे जैतीपुर को खैरपुर से जोड़ता है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग तिलहर-कटरा के बीच सिउरा मोड़ से जैतीपुर मार्ग को जोड़ता है।
इससे इस मार्ग से निकलने वाले वाहन गोहावर गांव से आलमपुर, नदैय्या रामपुर, लोहरगवां आदि गांवों से होकर फतेहगंज पूर्वी निकल जाते हैं, जहां उन्हें हाईवे मिल जाता है। दूसरी तरफ, बदायूं, दातागंज, दिल्ली, बरेली आदि जाने वाले वाहन खेड़ा-बझेड़ा व नवादा मोड़ से फतेहगंज पूर्वी मार्ग पकड़ते हैं। नवादा मोड़ से फतेहगंज पूर्वी रोड पर बनखंडी पुलिया के पास से एक सड़क फरीदपुर के लिए निकलती है, जिससे वाहन चालक उस रास्ते से निकल जाते हैं और उन्हें हाईवे की जाम का झंझट नहीं रहता, लेकिन अब इन मार्गों पर लगातार वाहनों के निकलने से इतने गड्ढे हो गए हैं कि उन पर चलना कठिन हो रहा है।
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सड़क बनने की खत्म हुई आस
जैतीपुर। नवादा मोड़ से दातागंज होकर बरेली जाने वाले तिलहर-दातागंज मार्ग के लिए पिछले दो वर्ष से बजट स्वीकृत होने की क्षेत्रवासी आस लगाए हैं। उन्हें आशा थी कि जल्द ही इस गड्ढायुक्त सड़क से निजात मिल जाएगी, लेकिन हर तीन-चार माह में कोई न कोई व्यवधान सड़क निर्माण में आड़े आ जाता है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सड़क के नाम पर 55 करोड़ रुपये स्वीकृत होने की बात सरकारी बैठकों में करते हैं। वहीं, लोनिवि के अभियंता पत्रावली लंबित होने की बात कहकर यह काम टालते रहे हैं। अब चूंकि, मानसून सीजन शुरू हो चुका है। इसलिए वैकल्पिक मार्गों के पुनर्निर्माण से जुड़ी उम्मीदें भी ठंडी पड़ गई हैं।
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जन सामान्य की बात
पिछले तीन साल से सुनते आ रहे हैं कि सड़क का निर्माण जल्द होने वाला है। कभी गन्ना सेंटर की वजह से निर्माण रुका तो कभी बारिश की वजह से। अब मानसून सीजन में नहीं लगता कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
-धर्म प्रकाश मिश्रा
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तिलहर से नवादा मोड़ तक मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। लगातार यही सोचते रहे कि अगले महीने काम शुरू होगा लेकिन सड़कें जस की तस पड़ी हैं। बरसात में खराब रास्तों से निकलना दूभर हो रहा है।
-अरविंद शर्मा
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जैतीपुर कस्बे में 500 मीटर लंबाई में सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जरा सी बरसात होने पर सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। सड़कों पर की गई पैचिंग उखड़ने से तिलहर से आने में डेढ़ घंटा लग जाता है।
-सचिन गुप्ता
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सड़क निर्माण की बातें समय बीतने के साथ सिर्फ हवा-हवाई साबित होती रहीं। कई बार सुनने में आया कि सड़क के लिए बजट पास हो गया है लेकिन निर्माण कार्य कब शुरू होगा, कोई बताने वाला नहीं है।
-राजेन्द्र सिंह गुर्जर
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हुलासनगरा रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने पर राष्ट्रीय राजमार्ग का यातायात जैतीपुर-खेड़ा बझेड़ा और कसरक-खुदागंज मार्ग की ओर मोड़ दिया जाता है। जिला मार्ग श्रेणी में शामिल ग्रामीण क्षेत्र के ये दोनों रास्ते हाईवे के ट्रैफिक का बोझ उठाने लायक नहीं हैं। गत वर्ष सितंबर में इन मार्गों के गड्ढों में बजरी-कोलतार से पैचिंग वर्क कराया गया, लेकिन यातायात का भारी दबाव पड़ने से दोनों रास्ते फिर खराब हो गए हैं। जैतीपुर क्षेत्र में 22 किमी और कसरक में 3.25 किमी मार्ग की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजकर अतिरिक्त बजट मांगा गया है। राज्यस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री इन मार्गों को जल्द बनाने की सहमति दे चुके हैं। जल्द ही इन दोनों मार्गों को चलने लायक बनाया जाएगा।
-ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड-1), लोनिवि