क्षेत्र के गांव हरनहाई बैंक में डकैती डालने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस ने पंजाब से पकड़कर बुधवार को जेल भेज दिया। सरगना फौज का भगोड़ा है। पुलिस ने उस पर 15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
बता दें कि छह फरवरी 2015 को थाना क्षेत्र अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा की हरनहाई शाखा में घुसकर बदमाशों ने दो लाख 24 हजार रुपये लूट लिए था। इस दौरान बदमाशों ने बैंक स्टाफ और ग्राहकों को बंधक बनाकर उनकी आंखों में मिर्च पाउडर भी डाल दिया था। पुलिस को बैंक के अंदर लगे एटीएम के सीसीटीवी कैमरे से बदमाशों के फोटो मिल गए थे। इनोवा सवार बदमाशों की तलाश के लिए एसपी आरपीएस यादव ने क्राइम ब्रांच सहित चार टीमों को लगाया था।
बैंक डकैती के खुलासे में बंडा थाने के सिपाही विजयभान यादव का अहम रोल रहा था। विजयभान ने पता लगाया था कि लुटेरे पीलीभीत जिले के थाना हजारा अंतर्गत नानक फार्म में रहने वाले मंदीप सिंह के यहां रुके थे। मंदीप का बहनोई बरनाला पंजाब का रहने वाला है। इस जानकारी पर जब पुलिस टीमें पंजाब पहुंची तो पता चला कि मंदीप सिंह, निशांत सिंह और गिरोह के अन्य साथी इनोवा कार से यूपी चले गए हैं। 19 फरवरी 2015 को पुलिस ने खुटार थाना की सीमा चकताह पुल के पास इनोवा सवार मंदीप सिंह, पंजाब के बरनाला जनपद के गांव गुरूमा के निशांत सिंह, इसी जिले के गांव कोलके के अमनदीप सिंह और निर्मल सिंह को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। गिरोह का सरगना बरनाला के थाना टल्लेवाल के गांव बिल्ला निवासी इंद्रजीत सिंह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था। पकड़े गए बदमाशों के पास से डकैती में प्रयुक्त इनोवा, एक लाख 15 हजार रुपये, दो रिवाल्वर, एक तमंचा आदि भी बरामद हुआ था।
इंद्रजीत की तलाश में एसओ खुटार राजेश सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी हिमांशु निगम, सिपाही श्यामनरायन, शशि यादव आदि पंजाब गए थे। मंगलवार को पुलिस टीम ने इंद्रजीत को टल्लेवाल के तारफसील चौक के बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को उसे एसपी के समक्ष पेश किया गया। पूछताछ में आरोपी इंद्रजीत ने बताया कि उसने दोस्त निशांत के बहकावे में आकर घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद उसके हिस्से में आए 40 हजार रुपये उसने निशांत की कार की बीमा किश्त जमा कर दी। घटना के बाद वह अपने गांव चला गया था। पुलिस ने इंद्रजीत को जेल भेज दिया गया।