शाहजहांपुर। नगर निगम नियमित रूप से शहर में सफाई व कूड़ा उठान का दावा कर रहा है, लेकिन कूड़ा उठान के लिए पर्याप्त ठेली भी नहीं हैं। इस कारण वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
नगर निगम को कूड़ा उठान के लिए ठेलियां खरीदने को टेंडर की प्रक्रिया पूरी करानी थी, लेकि इसी बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई। इस कारण टेंडर प्रक्रिया अटक गई। ठेलियों की खरीदारी नहीं हो पाई। नगर निगम के पास मौजूद ठेलियां कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं। बताया जाता है कि नगर निगम की 120 ठेलियों में से 70 खराब पड़ी हैं। ये नगर निगम के रोशनी गोदाम में कबाड़ हो रही हैं। 50 ठेलियों से शहर के 60 वार्डों में नियमित रूप से कूड़ा उठान संभव नहीं हो पा रहा है।
पार्षदों ने बताया कि हर वार्ड में तीन ठेलियों की जरूरत है। इस तरह से 60 वार्डों के लिए 180 ठेलियां चाहिए। नगर निगम की आठ में तीन जेसीबी, 40 में 20 ट्रैक्टर-ट्रॉली भी खराब पड़ी हैं।
नहीं हो रही सुनवाई
हम अपने वार्ड में बहुत अच्छा काम करना चाहते हैं, पर नगर निगम के अधिकारी सुनते ही नहीं हैं। हम छह माह से ठेलियों की मांग कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ठेलियों की खरीदारी की जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नगर निगम के पास संसाधनों की कमी है। - रामबरन सिंह चंदेल, पार्षद, बृज विहार
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संसाधनों को पूरा कराने पर दें ध्यान
नगर निगम संसाधनों की पूर्ति ही नहीं कर पा रहा है। वार्डों में साफ-सफाई और कूड़ा उठान कैसे संभव हो पाएगा। पार्षद अपने क्षेत्र में अगर कुछ करवाना चाहें तो नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी सहयोग नहीं करते हैं। सबसे पहले संसाधनों को पूरा कराने पर ध्यान देना चाहिए।
- विपिन सिंह यादव, पार्षद, बाबूजई
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आचार संहिता लगने के कारण टेंडर प्रक्रिया को पूरा नहीं कराया जा सका। इसलिए ठेलियों को खरीदने में देरी हो रही है। आचार संहिता के खत्म हाेते ही संसाधनों की कमी को दूर किया जाएगा।
- डॉ. विपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त