जीआईसी ग्राउंड पर धरना-प्रदर्शन करके दिया ज्ञापन
बिजली की घरेलू दरों में भारी बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। उन्होंने पार्टी जिलाध्यक्ष तनवीर खां के नेतृत्व में खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर प्रदर्शन करके और धरना देकर भाजपा सरकार के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बाद में उन्होंने कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय जाकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट से भेंट की और उन्हेें राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर बिजली की बढ़ी हुई दरें तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा की अखिलेश सरकार में विद्युत उत्पादन क्षमता 8500 मेगावाट से बढ़कर 16500 मेगावाट हो गई थी। इससे गांव के लोगों को 14 से 16 घंटे और शहरी आबादी को 22 से 24 घंटे बिजली मिलने लगी, लेकिन भाजपा की गलत नीतियों के चलते बिजली विभाग भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया और अब बिजली की दरें बढ़ाकर किसानों व कमजोर वर्गों को अपना निशाना बनाया है। सरकार ने बिजली की बढ़ी कीमतें वापस नहीं लीं तो सपा केलोग जनता से अन्याय नहीं होने देंगे और राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार सड़कों पर उतरकर जनता के हहक की लड़ाई लड़ेंगे।
पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने सरकार के इस फैसले को जनता के साथ घोर अन्याय बताया। विधायक शरदवीर सिंह ने कहा कि केंद्र में साढ़े तीन साल और प्रदेश में आठ माह के कार्यकाल में भाजपा सरकारों ने जनता को केवल बुरे दिनों का अहसास कराया है। पूर्व विधायक राजेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब विरोधी और केवल पूंजीपतियों के हितों की रक्षा का काम कर रही है। पूर्व विधायक कोविद सिंह ने कहा कि सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो महंगाई बढ़ने से जनता और परेशान होगी।
धरना-प्रदर्शन में ये रहे शामिल
धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक शकुंतला देवी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय, अनवर अली, सैयद रिजवान अहमद, रणंजय सिंह यादव, जगजीत सिंह टांडे, हिमांशु बाजपेयी, कपिल वर्मा, पंकज वर्मा सराफ, इम्तियाज मंसूरी, हफीज अहमद अंसारी, फकीरे लाल वर्मा, नीरज मिश्रा, अनस इकबाल, दीपक मिश्रा आदि शामिल रहे।