इसलिए बढ़ गए दाम
कारोबारियों के मुताबिक डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और आयात लागत बढ़ने से विदेशी ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े हैं। कैलिफोर्निया से आने वाले बादाम और अखरोट की कीमतों में भी तेजी का असर स्थानीय बाजार में दिखाई दे रहा है। वहीं, ईरान में चल रहे युद्ध के कारण पिस्ते की आपूर्ति प्रभावित होने से इसके भाव में तेजी आई है। कारोबारियों का मानना है कि चीनी मिलों में गन्ने का व्यावसायिक इस्तेमाल बढ़ा है। गन्ने से एथेनॉल का उत्पादन अधिक किए जाने से चीनी का निर्माण कम हुआ है।
महंगाई ने घटाई खरीदारी
दाम बढ़ने का असर बाजार की मांग पर भी पड़ने लगा है। ग्राहक जरूरत के मुताबिक ही सामान खरीद रहे हैं। ड्राई फ्रूट्स में लोग कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों पर आमतौर पर चीनी और ड्राई फ्रूट्स की बिक्री बढ़ जाती है, लेकिन इस बार महंगाई के कारण ग्राहकों की खरीद क्षमता प्रभावित हो सकती है।
किराना व्यापारी महंगाई का सीधा असर ग्राहक और व्यापारियों दोनों पर पड़ रहा है। चीनी महंगी होने से लोगों ने इसका इस्तेमाल कम कर दिया है। त्योहारों पर भी सामान्य दिनों की अपेक्षा बिक्री प्रभावित होने की आशंका है। सरकार को महंगाई नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
किराना व्यापारी पंकज गुप्ता ने बताया कि चीनी के भाव तीन-चार दिन में करीब 15 रुपये किलो बढ़ गए हैं। भाव बढ़ने के पीछे सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। ड्राई फ्रूट्स और गुड़ के भाव भी बढ़े हैं। इससे बाजार में मांग घट रही है। त्योहार के सीजन में इसका असर और अधिक दिखाई देगा।