शाहजहांपुर। बंडा थाना क्षेत्र के हेतमनगला गांव निवासी वीरपाल (35) की रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। भाई के अनुसार, दूसरी पत्नी के भी छोड़कर चले जाने से वीरपाल अवसाद में थे। इसी के चलते उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया।
मृतक के भाई रीतराम ने बताया कि करीब दस साल पहले वीरपाल की पहली पत्नी चंपा उसे छोड़कर चली गई थी। पहली पत्नी से कोई संतान नहीं थी। वीरपाल उत्तराखंड के रुद्रपुर में मेहनत मजदूरी करते थे। करीब एक साल पहले वह दो बच्चों की मां के साथ पति-पत्नी की तरह रहने लगे। कुछ दिन पहले दूसरी महिला भी उन्हें छोड़कर अपने पति के पास चली गई। इसके बाद से वीरपाल अवसाद में रहने लगे।
रीतराम के अनुसार, रविवार सुबह उत्तराखंड से लौटने के बाद वीरपाल ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम करीब साढ़े तीन बजे वह घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
वीरपाल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी मौत से परिवार में त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतक का भाई बिलख पड़ा। परिवार वालों ने उसे संभाला। सीओ पुवायां प्रवीण मलिक ने बताया कि तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-
चौकीदार का पेड़ से लटका मिला शव, बीमारी से था परेशान
रोजा। क्षेत्र के गांव जमुका निवासी जगदीश (46) का शव सोमवार सुबह निवाजपुर स्थित सेटेलाइट बस अड्डे के पीछे पेड़ से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, जगदीश सेटेलाइट बस अड्डे के पीछे एक प्लॉट की रखवाली करता था। वह गंभीर बीमारी से परेशान था और अवसाद में चल रहा था। परिजनों का कहना है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।
सीओ शुभम वर्मा ने बताया कि राहगीर ने फोन कर पेड़ से शव लटके होने की सूचना दी थी। अगर कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। संवाद