कश्मीर में चल रहे बवाल की आंच यहां तक आ पहुंची है। मर्सरत आलम तथा अन्य अलगाववादी संगठन के नेताओं के भारत विरोधी कृत्यों से नाराज कई हिंदू संगठनों ने रविवार को मर्सरत आलम की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। इसके बाद तहसील रोड पर कोतवाली के पास उसके पुतले और पाकिस्तानी झंडे को आग के हवाले किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मर्सरत को फांसी की सजा दिलाने की मांग की।
रोडवेज परिसर में इकट्ठे हुए कार्यकर्ता मसर्रत की अर्थी लेकर मुख्य चौराहे तथा उसके बाद सदर बाजार होते हुए कोतवाली के पास तहसील जाने वाले तिराहे पर पहुंचे, जहां नारेबाजी के बीच मसर्रत के पुतले तथा पाकिस्तान के झंडे को आग के हवाले कर दिया गया। पूर्व में रोडवेज में आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में गौरव राघव ने कहा कि भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले मसर्रत को फांसी दी जाए और अन्य अलगाववादी नेताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो। इस दौरान कृष्ण कुमार मंगलम, ज्ञानेन्द्र शुक्ला, विलय राघव, सौरभ कुशवाहा, उदय कश्यप, हर्षित मिश्रा आदि मौजूद रहे।