शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे को फोरलेन बना दिए जाने के बावजूद सुरक्षा के लिए कई जरूरी कार्य नहीं कराए जाने से आएदिन हादसे हो रहे है। हाईवे चौड़ा हो जाने से उस पर वाहनों की रफ्तार भी बढ़ गई है, लेकिन कहीं डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए जाने तो कहीं तीव्र मोड़ पर संकेतक और गति नियंत्रण के लिए पीली पट्टियों वाले रंबल स्ट्रिप नहीं बनाए जाने से वाहन दूसरे वाहनों से टकरा जाते हैं।
हाईवे से जुड़े ग्रामीण संपर्क मार्गों के तीखे मोड़ इसी वजह सें हादसों के ठिकाने के तौर पर पहचान बना चुके हैं। इस वजह से हाईवे पर जिले की सीमा में रोजा से लेकर मीरानपुर कटरा तक सफर खतरनाक हो गया है। लखनऊ दिल्ली हाईवे पर रोजा क्षेत्र में कई जगह डिवाइडर तोड़कर बनाए गए अवैध कट से लगातार ग्रामीण निकल रहे हैं।
हरदोई बाइपास से सीतापुर की ओर इस हाईवे से गांवों को जाने वाले रास्ते के मोड़ पर न तो कोई संकेतक लगाए गए हैं और न ही वहां वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए पीली पट्टियां डाली गई हैं। हाईवे पर ताहवरगंज, बाडी गांव, फतेहपुर चुंगी, हथौड़ा गांव, कटिया कम्मू आदि अन्य कई गांवों को जाने वाले रास्तों को लेकर सावधान करने के लिए वहां किसी प्रकार के संकेतक नहीं लगाए गए हैं।
तिलहर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर ओवरब्रिज के दोनों ओर पर्याप्त संकेतक और साइन बोर्ड नहीं होने से हादसों का खतरा बना हुआ है। वाहन चालक हाईवे से संपर्क मार्गों के मोड़ों की जानकारी के अभाव में अक्सर अपने वाहनों से नियंत्रण खो बैठते हैं। करीब 15 दिन पूर्व हाईवे स्थित सरयू पुलिया के पास ओवरब्रिज के नीचे दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर होने से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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लखनऊ-पलिया हाईवे के निर्माण कार्य में ढिलाई से हो रहे हादसे
सेहरामऊ दक्षिणी। लखनऊ-पलिया हाईवे को हरदोई से शाहजहांपुर तक फोरलेन बनाने के काम में ढिलाई और सुरक्षात्मक उपायों की कमी से हादसे बढ़ गए हैं। यह काम करीब दो वर्ष से हो रहा है। इसके लिए जगह-जगह हाईवे की दोनो लेन जेसीबी से खोद दी गई है। कई जगह ओवरब्रिज और अंडरपास बनाने के लिए खोदाई से निकली मिट्टी के ढेर वहीं पर लगा दिए गए हैं।
निर्माणाधीन ओवरब्रिजों के पास भराव के लिए डाली गई राख भी तेज हवा में उड़ने पर दृश्यता बाधित करने के साथ हादसे की वजह बन जाती है। हाईवे पर हरदोई सीमा से लेकर रिलायंस तापीय परियोजना के गेट तक करीब दस किमी के दायरे में कई जगह डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए गए, लेकिन कार्यदायी संस्था आरसीएल कंपनी अवैध कट बंद कराने पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
रिलायंस तापीय परियोजना के पास फ्यूल पंप के सामने, बादशाहनगर चौराहा और कनेंग के पास अधूरे बने ओवरब्रिज के नीचे दोनों दिशाओं में बने अवैध कट बंद नहीं किए जाने पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
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डीएम ने अवैध कट बंद करने के दिए निर्देश
सड़क, परिवहन और विद्यालय सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को दस से अधिक चालान वाले वाहनों की सूची बनाकर उन्हें काली सूची में डालने या जब्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिए। इस दौरान एसपी सौरभ दीक्षित, एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे और एसपी सिटी देवेंद्र कुमार उपस्थित थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को एनएच-30 पर बने अवैध कटों को तत्काल बंद कराने के लिए कहा है। एनएच-730 सी पर चिह्नित दुर्घटना संभावित स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, थर्मोप्लास्टिक पेंट और संकेत बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। ई-रिक्शों का संचालन हाईवे पर प्रतिबंधित किया गया है।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम