शाहजहांपुर। शहर को बाढ़ की चपेट में आने से बचाने के लिए शुक्रवार को डीएम की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई। बाढ़ आने पर बचाव के साथ ही स्थायी विकल्पों पर विचार किया गया। नेशनल हाईवे की बंद पुलिया खोलकर पानी निकालने, अजीजगंज-नगरिया मोड़ मार्ग को ऊंचा करने, बांध के सुदृढ़ीकरण आदि बिंदुओं पर विमर्श के बाद क्रियान्वयन की तैयारी की गई।
जुलाई में गर्रा और खन्नौत नदी के उफनाने से आधा शहर डूब गया था। शहर में दशकों बाद ऐसा मंजर देखने को मिला था। बाढ़ के कारणों पर और भविष्य में ऐसा न हो, इसको लेकर प्रशासन ने शुक्रवार को मंथन किया।
डीएम ने सिंचाई, लोक निर्माण विभाग के साथ नगर निगम और एनएचएआई के अधिकारियों से मंत्रणा कर बचाव के इंतजाम पर विचार किया। बाढ़ के दौरान हाईवे से टकराकर पानी शहर में घुसा था, इसलिए सबसे पहले डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने एनएचएआई के अधिकारियों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली।
डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एनएचएआई की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में बाढ़ को 10-12 साल में घटने वाली घटना मानकर आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। डीएम को बताया गया कि नेशनल हाईवे पर छह पुलिया पड़ती हैं, जिनसे बाढ़ का पानी दूसरी ओर निकलता था। इनमें से केवल दो पुलिया चल रहीं हैं।
शेष पुलिया आबादी क्षेत्र में खुलने की वजह से बंद की गईं हैं। इस पर डीएम ने कहा कि कम से कम दो पुलिया और चालू करें। एनएचआईए के अधिकारियों ने कहा कि पुलियों और बचाव के संबंध में डीपीआर बनाने में तीन महीने का समय लगेगा।
डीएम ने मौजमपुर और भेदपुर गांव के बीच हाईवे पर एक पुलिया बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान ककरा में गर्रा नदी पर बने पुल की ऊंचाई कम होने की बात भी उठी। डीएम ने कहा कि सोमवार को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर अंतिम कार्ययोजना बनाकर अमल में लाई जाएगी। बैठक के दौरान मौजूद पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव सिंह, सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह, एडीएम प्रशासन संजय पांडेय, एडीएम एफआर डॉ. सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
सिंचाई विभाग ने दिया प्रस्ताव
सिंचाई विभाग की ओर से अजीजगंज के आगे से नगरिया मोड़ तक करीब सात किलोमीटर के मार्ग को एक मीटर ऊंचा करने का प्रस्ताव दिया गया। इससे गर्रा नदी के हाईफ्लड लेवल पर पानी आने से यह मार्ग बैरियर का काम करेगा। इस पर पीडब्ल्यूडी ने लगभग पांच करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर खर्च आने की बात कही। डीएम ने स्थलीय निरीक्षण के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम करने के निर्देश दिए। डीएम ने सिंचाई विभाग को अजीजगंज बांध को मजबूत करने के निर्देश दिए।
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बाढ़ग्रस्त क्षेत्र पर लगेंगे संकेतक
जुलाई में गर्रा और खन्नौत नदी की बाढ़ का पानी जहां तक आया था, वहां पर प्रशासन की ओर से संकेतक लगाए जाएंगे। इसमें उल्लेख किया जाएगा कि बाढ़ का पानी यहां तक आ चुका है। हाल में ही जो क्षेत्र बाढ़ में डूब गए थे, वहां पर नए मकानों की रजिस्ट्री भी काफी कम हो गई है। ऐसे में संकेतक लगे होने से भू-खंड खरीदने वाला व्यक्ति सचेत होगा कि यहां पर बाढ़ का असर हो सकता है। एडीएम प्रशासन संजय पांडेय ने नदी के जलग्रहण क्षेत्र का सीमांकन करने और वहां भवन निर्माण पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
नगर निगम के नए आफिस को बचाने की कवायद
न्यू ककरा सिटी में निर्माणाधीन नगर निगम आफिस को बाढ़ के पानी से बचाने को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान नगर निगम के आफिस को बाढ़ से बचाने के लिए सिटी पार्क कॉलोनी की तर्ज पर बाउंड्रीवॉल बनाने पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त बिपिन मिश्रा ने नगर निगम कार्यालय की ओर भी बांध बनाने का सुझाव दिया जिस पर सिंचाई विभाग की ओर से वर्तमान बांध के खतरे में पड़ जाने की आशंका जाहिर की गई। डीएम ने कहा कि नगर निगम कार्यालय के प्रथम तल पर आवश्यक रिकार्ड न रखा जाए।