शाहजहांपुर। सर्दियों में घना कोहरा छाने पर बिजली की 11 और 33 केवी वाली हाईटेंशन लाइनों के गीले तार शॉर्ट सर्किट की चपेट में आने से आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने नगरीय क्षेत्रों में खुले तारों वाली हाईटेंशन लाइनों को बंच केबल वाली लाइनों में बदलने का निर्णय किया है।
विद्युत निगम के अभियंताओं के अनुसार केंद्र सरकार की रिवैम्प योजना के तहत अभी प्रयोग के तौर पर यह काम शहरी क्षेत्र की कुछ लाइनों पर कराने की योजना है और इसके लिए लाइनों की सर्वे रिपोर्ट निगम मुख्यालय भेजी जा चुकी है। शहर की कई लाइनों को स्मार्ट सिटी योजना के तहत पहले ही बदला जा चुका है। केबल वाली हाईटेंशन लाइनेें तैयार होने पर खंभों में करंट उतरने और हवा चलने पर तारों के टकराने से होने वाले फॉल्ट में भी कमी आएगी।
जिले में 11, 33 और 132 केवी वाली 2348 किमी लंबी हाईटेंशन (एचटी) और 220 एवं 440 वोल्ट वाली 4145 किमी लंबी लोटेंशन (एलटी) लाइनों का जाल फैला है। पावर नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नए सब स्टेशनों के निर्माण समेत छूटे हुए गांवों में विद्युतीकरण कराया जा रहा है, लेकिन एचटी लाइनों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता।
इस वजह से लाइनों में खराबियां आने के साथ खंभों में करंट उतरने की घटनाएं होती हैं। रोजा क्षेत्र के गांव सरही, मिर्जापुर क्षेत्र के जरियनपुर और गढिय़ा रंगीन क्षेत्र के कई गांवों में लाइनों की खराबी और खंभों पर उतरे करंट से कई मौतें हो चुकी हैं।
अब्दुल्लागंज से डाली गई 11 केवी की भूमिगत लाइन
शहर के 33 केवी क्षमता वाले अब्दुल्लागंज से मुख्य व्यवसायिक क्षेत्र केरूगंज तक 11 केवी क्षमता की लगभग 1.50 किमी लंबी भूमिगत बंच लाइन डाली जा चुकी है। यहां की पुरानी लाइन के तार जर्जर होने के कारण आए दिन हवा से टकराकर टूट जाते थे। सघन यातायात वाले इस मार्ग की चौड़ाई भी सीमित है। नई लाइन डालने की योजना बनाने पर पुराने पोल पीछे हटाने की जगह नहीं मिली तो भूमिगत केबल बिछाई गई। यह तरकीब पूरी तरह सफल रहने पर अब शहर के अन्य कई मार्गों को भी भूमिगत केबिल डालने को चिह्नित किया है।
इन इलाकों मेें लाइनों का सुधार प्रस्तावित
महानगर के लोधीपुर, सरायकाइयां, बिजलीपुरा, स्टेशन रोड, एमनजई जलालनगर, हुसैनपुरा, हयातपुरा, ककरा कलां, लाला तेली बजरिया, ककरा खुर्द, मदराखेल, तिलहर जई, अहमदपुर रेती, रेती की नई बस्ती, किला, बंगश आदि मोहल्लों के लोग आए दिन जर्जर तार टूटने से परेशान हैं। तार टूटने का कारण ओवरलोडिंग भी बताया जा रहा है। अभियंताओं के अनुसार बंच लाइनों पर भी ओवरलोडिंग की समस्या रहती है, लेकिन तार टूटने से करंट से होने वाली जन हानियां कम हो जाएंगी।
केंद्र सरकार की रिवैम्प योजना से पावर नेटवर्क में सुधार के व्यापक कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत हाईटेंशन लाइनों का नवीनीकरण, नए बिजली उपकेंद्रों की स्थापना और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता आदि कार्य प्रस्तावित हैं। इसके लिए शहर समेत जिले की सभी लाइनों का सर्वे कराया जा चुका है। योजना के तहत राज्यों को बजट जारी हो चुका है और शासन से आदेश जारी होते ही यह सभी काम एक साथ शुरू कराए जाएंगे।
-जितेंद्र बहादुर सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम