शाहजहांपुर। हथौड़ा में ग्राम समाज की जमीन पर बने मकानों की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर उच्च न्यायालय की ओर से याचिकाकर्ताओं को स्टे मिल गया है। जिला प्रशासन से चार सप्ताह के अंदर काउंटर रिपोर्ट तलब की गई है।
गांव हथौड़ा निवासी विक्रम लाल, विशंभर दयाल, सत्यपाल राठौर, रजनीश, विजय कुमार और संजय कुमार की ओर से अधिवक्ता कुशाग्र चौहान ने जिला प्रशासन की ओर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के विरुद्ध उच्च न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। न्यायालय ने सभी संबंधित मामलों में बेदखली के आदेश पर स्टे प्रदान किया है।
अधिवक्ता कुशाग्र चौहान ने दलील दी कि धारा 24 की विधिक कार्रवाई का पालन किए बिना लेखपाल द्वारा लगाई गई आख्या पूर्णतः त्रुटिपूर्ण है। क्षेत्र में कई गाटा संख्याओं की पैमाइश एवं सीमा विवादों का निपटारा किए बिना ही वादियों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की गई, जो न्यायसंगत नहीं है।
न्यायालय के इस आदेश से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अधिवक्ता कुशाग्र चौहान ने बताया कि जिन लोगों के मकान ध्वस्त किए गए हैं, वे आबादी क्षेत्र में हैं। आठ याचिकाकर्तांओं में सात लोगों को स्टे मिल गया है। एक याचिकाकर्ता को अगली सुनवाई में स्टे मिलने की संभावना है।
धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। प्रशासन की ओर से अपनी रिपोर्ट न्यायालय में पेश की जाएगी।
- रजनीश मिश्र, एडीएम प्रशासन