तिलहर में नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक। संवाद
तिलहर। घने कोहरे के दौरान यातायात के लिहाज से बेहद व्यस्त लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह खड़े हो रहे भारी वाहन आए दिन हादसे की वजह बन रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने से भीषण कोहरे के वक्त हाईवे पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है।
हाईवे के किनारे जगह-जगह खुले होटलों और ढाबों के आसपास तमाम वाहन हाईवे की एक लेन घेरकर खड़े दिखाई देते हैं। वहां चाय-नाश्ते के लिए चालक अपने ट्रक, डंपर व अन्य वाहन रोक देते हैं। पीछे से आने वाले वाहन चालकों को कोहरे में दृश्यता बहुत कम होने की दशा में हाईवे पर पहले से रोके गए वाहन वाहन दिखाई नहीं देते।
जब तक रफ्तार से आ रहे वाहन उनके करीब पहुंचते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है और वह रुके हुए वाहन से टकरा जाते हैं। हाईवे की नगरिया पुलिस चौकी से लेकर लाल पंप तक करीब 20 किमी के दायरे में हाईवे पर वाहन खड़े होने की समस्या अब रोजमर्रा की दिक्कत बन गई है।
सुबह और देर रात के समय घना कोहरा छाए होने के दौरान हाईवे पर रोके गए वाहनों से हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है। लोगों का आरोप है कि हादसे रोकने के लिए एनएचएआई की टीम ने हाईवे के अवैध कट बंद करा दिए, लेकिन हादसों का कारण बन रहे ऐसे वाहनों की धरपकड़ और उनके चालकों के खिलाफ कार्रवाई में उदासीनता बरती जा रही है।
हालांकि, एनएचएआई के साइट इंजीनियर लोकेंद्र कुमार का कहना है कि उनकी टीम हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग कर रोके गए वाहनाें को हटाने के साथ उनके चालकों को हिदायत देती है। उन्होंने कहा कि हाईवे पर वाहन रोकने वाले चालकों के खिलाफ शीघ्र ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।