इस बार अप्रैल माह से ही भीषण गर्मी शुरू हो चुकी है और पारा निरंतर ऊपर की ओर जा रहा है। पुवायां तहसील में गर्मी की शुरूआत में ही कई जगह आग लग जाने से भारी नुकसान हो चुका है। आग लगने के पीछे लोगों की लापरवाही सामने आई है। गेहूं की कटाई शुरू होने के साथ ही नरई जलाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। हालांकि इस बार बाहर भेजे जाने के लिए भूसा बनाए जाने का काम जोरों पर होने के कारण रीपर वाले और बाहरी डेयरी स्वामी नरई को खरीद रहे हैं, लेकिन दूरदराज के क्षेत्र में जहां नरई नहीं बिक रही है, वहां लोग इसे जला रहे हैं। इससे भी आग लगने का खतरा बना रहता है। जरा सी लापरवाही से आग लग जाने से तमाम लोगों का निवाला और जीवन भर की कमाई आग की भेंट चढ़ जाती है। 21 मार्च को दोपहर बाद गांव लुकटहा में आग लग जाने से लगभग 113 घर जलकर खाक हो गए थे। आग लगे घरों में कुछ भी नहीं बचा था। गांव में आग एक व्यक्ति के दोपहर में होला भूनते समय लगी थी। 23 मार्च को पुवायां में निगोही रोड पर मोहम्मद फिरोज के घर में होली से आग लग जाने से 20 हजार की नगदी सहित घरेलू सामान जलकर खाक हो गया था। इसके बाद 25 मार्च को गांव कुंवरपुर के गुड्डू के यहां खाना बनाते समय आग लग जाने से उसकी 13 माह की पुत्री मुस्कान की जलकर मौत हो गई थी। इसके अलावा बंडा के गांव अलमापुर, पुवायां के गांव उदना और खुटार के गांव टाह में खेतों में आग लगने से गेहूं की तमाम फसल जल गई। सभी मामलों में लापरवाही के कारण आग लगना सामने आया।
आग लगने से चार एकड़ गेहूं जला
खुटार। गांव टाह खुर्द कलां में रविवार दोपहर अचानक आग लग जाने से चार एकड़ गेहूं और करीब 10 एकड़ नरई जल कर राख हो गई। गांव के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रविवार दोपहर टाह के एक व्यक्ति के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग ने थोड़ी ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते आग गांव के बिल्कुल पास पहुंच गई, इससे गांव के लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने पशुओं को खोलकर गांव के बाहर भगा दिया और कीमती सामान घरों से निकाल कर खेतों में रखना शुरू कर दिया। इसके बाद गांव के लोगों ने एकजुट होकर गांव को आग से बचाने के लिए प्रयास करने शुरू कर दिए। गांव के पास खड़ी गेहूं की फसल को ट्रैक्टरों से जोत दिया गया और छप्पर आदि पर पानी डालकर भिगो दिया गया, जिससे उन पर आग का असर न हो सके। गांव महोलिया, हरिपुर, खानपुर कुरैया, चमराबोझी आदि गांव के तमाम किसान ट्रैक्टर और स्प्रे मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने के लिए स्प्रे मशीन से फसल पर पानी डालना शुरू कर दिया। इस बीच फायर बिग्रेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई और गांव के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। आग से गांव के सोहराब के दो एकड़ और प्रधान पति साजिद की तीन एकड़ गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। तमाम लोगों के खेत में खड़ी नरई भी आग की भेंट चढ़ जाने से लोगों के सामने भूसा बनवाने की समस्या भी खड़ी हो गई है।