शाहजहांपुर। योग को अपनाकर शहर के तमाम लोग स्वस्थ जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे भी कई लोग हैं जिन्होंने योग के जरिये अपनी बीमारी पर काबू पाया है। योग को जीवन का हिस्सा बनाने के बाद लोग दूसरों को भी स्वस्थ जीवनशैली के प्रोत्साहित करते हैं। 12वीं बार 21 जून को विश्व योग दिवस का आयोजन होने जा रहा है। इस बार जीएफ कॉलेज के मैदान पर मुख्य आयोजन होगा जबकि जिलेभर में कई स्थानों पर लोगों को जागरूक करने के लिए योग शिविर लगाए जाएंगे।
दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद योग से मिला फायदा
वर्ष 2022 में सड़क दुर्घटना में पैर दो जगह से टूट गया था। कमर में भी गंभीर चोट आई थी। चल नहीं पाती थी। तब योग ही सहारा बना। प्रात: 4:30 पर उठने के बाद 5:10 से योग और प्राणायाम शुरू किया। जब सारी उम्मीद टूट गईं थीं, तब योग ही काम आया। निरंतर योग करने के बाद आश्चर्यजनक रूप में फायदा मिला। अब आराम से ड्यूटी कर रही हूं।
-कुसुमलता मिश्रा
मानसिक एकाग्रता में इजाफा
करीब छह वर्षों से लगातार योग कर रहीं हूं। प्रतिदिन मौसम की परवाह न करते हुए प्रातः 5:30 बजे से सात बजे तक योग करना दिनचर्या में शामिल हैं। योग आत्मबल के साथ-साथ शारीरिक क्षमता मिली। योग के बाद शरीर दिन भर चुस्त-दुरुस्त रहता है, साथ ही मानसिक एकाग्रता और शांति मिलती है। अब दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
-डिंपी
थायराइड में मिला आराम
थायराइड की बीमारी से पीड़ित थी। तभी किसी परिचित ने योग का सुझाव दिया। एक वर्ष से निरंतर योग में तल्लीन हूं। वर्षों से दवा खा रही थी। आज योग की वजह से न के बराबर रह गई है। जीवन में बीमारी की वजह से हाथ आई निराशा में योग एक आशा की किरण बनकर आया। मानसिक तनाव तो दूर किया ही साथ ही शारीरिक क्षमता भी विकसित की।
-रेनू मौर्या
कई बीमारियों में मिला लाभ
विगत 30 वर्षों से योग कर रहा हूं। प्रातः 5:15 से 6:15 बजे तक योग करना दिनचर्या में शामिल कर रखा है। योग से बहुत फायदे मिले। शरीर से बीमारियां दूर रहीं। आसान भाषा में कहा जाए कि योग शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना भोजन। सभी लोगों को चाहिए कि अपनी दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल अवश्य करें।
-राकेश मिश्रा
कुसुमलता मिश्रा
कुसुमलता मिश्रा
कुसुमलता मिश्रा
कुसुमलता मिश्रा