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Shahjahanpur News: प्रेमिका से नजदीकी बढ़ने पर रॉड मारकर ले ली थी दोस्त की जान

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हत्यारोपी अभिषेक। संवाद
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शाहजहांपुर। मदनापुर थाना क्षेत्र में ग्राम पंचायत बौरी के चंदपुर गांव निवासी पिकअप चालक हरिओम की हत्या उसके दोस्त अभिषेक ने ही की थी। हरिओम की नजदीकी अभिषेक की प्रेमिका से बढ़ गई थी। इसी रंजिश में उसने हरिओम की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या की थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया है।
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एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि हरिओम के भाई दिनेश ने सात मई को रमानगर निवासी रामवीर के खिलाफ शक जाहिर करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए साक्ष्य संकलन किया और सर्विलांस की मदद ली। जांच के दौरान चंदपुर गांव निवासी अभिषेक की संलिप्तता सामने आई।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अभिषेक को चंदोखा तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी अभिषेक से पूछताछ की गई। उसने बताया कि उसका वर्ष 2024 से गांव की एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उससे शादी करना चाहता था। आजीविका के लिए काम करने चंडीगढ़ चला गया। इस बीच दोस्त हरिओम ने उसकी प्रेमिका से बातचीत करना शुरू कर दी। कुछ दिन पूर्व जब चंडीगढ़ से वापस घर आया तो प्रेमिका से हरिओम की नजदीकियों की जानकारी हुई।
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हरिओम को दूर रहने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। सात मई को हरिओम को फोन कर यूकेलिप्टिस के बाग में बुलाया। बारिश होने के चलते चादर ओढ़कर वहां गया। फिर हरिओम को प्रेमिका से दूर रहने की चेतावनी दी। इस पर हरिओम ने प्रेमिका के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। आवेश में आकर चादर में छिपाकर लाई लोहे की रॉड से हरिओम के सिर पर कई वार किए। जिससे उसकी मौत हो गई।

ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस
सात मई को अभिषेक ने दोस्त हरिओम की हत्या कर दी, लेकिन मृतक के भाई दिनेश ने नामजदगी रामवीर की कराई। आरोपी भागा नहीं और पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने लगा। पुलिस ने हिरासत में लिए रामवीर से घंटों पूछताछ की, लेकिन उसने हत्या की घटना को नहीं कबूला। तब पुलिस ने हरिओम के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। देखा कि एक युवती से दोनों की बात हुई थी। तब मामला पुलिस की पकड़ में आया। फिर पुलिस ने घटना के दिन हुई कॉल के आधार पर अभिषेक को पकड़ा, लेकिन उसने मुंह नहीं खोला। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक के घर जाकर जांच की। उसके जूते व कपड़ों पर खून के निशान देख पुलिस का शक गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पड़े खून व अभिषेक के जूते व कपड़ों पर मिले खून का मिलान कराया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती बरती। तब आरोपी टूटा और घटना कबूल की।
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