तिलहर। हरियाणा से 22 बसों से आए जिले के 597 प्रवासी मजदूरों की रविवार शाम से सोमवार तड़के तक वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में थर्मल स्क्रीनिंग और जांच के बाद तहसीलों में बनाए गए शेल्टर होम में 14 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया गया। इसमें 14 को होम क्वारंटीन किया गया। जांच के दौरान प्रशासन के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद रहीं।
जीजीआईसी तिलहर में बनाए गए शेल्टर होम में क्षेत्र के 136 मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है। सोमवार सुबह एक बस से पहुंचे गढ़िया रंगीन क्षेत्र के 14 मजदूरों को जांच के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया। इन मजदूरों के हरियाणा में 14 दिन क्वारंटीन रहने के कारण घर भेजा गया। जीजीआईसी में सोमवार को मजदूरों के पहुंचने के बाद एसडीएम सौरभ गंगवार, सीओ मंगल सिंह रावत, तहसीलदार राकेश कुमार सिंह नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह और सीएचसी प्रभारी डॉ. कमरुज्जमा ने स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचकर मजदूरों की जांच की। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यहां क्वारंटीन किए गए मजदूरों में से पांच मजदूरों के स्वास्थ्य की रैंडम जांच को कंफर्मेंटरी टेस्ट के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। इसके बाद इन्हें भी क्वारंटीन किया जाएगा।
यहां इतने हुए क्वांरटीन
जीसीआईसी 136
रायन इंटरनेशनल में 115
मिर्जापुर- 65
जलालाबाद- 53
पुवाया- 214
नोट- होम क्वारंटीन- 14
अपर्याप्त भोजन को लेकर मजदूरों ने काटा हंगामा
सोमवार को दोपहर जीजीआईसी सेंटर पर मजदूरों ने लंच पैकेट में कम भोजन होने को लेकर नाराजगी जताते हुए हंगामा काटा। भोजन व्यवस्था देख रहे लेखपालों ने बताया कि 136 मजदूरों के लिए 150 पैकेट भेजे गए। इसके बाद भी लगभग 50 मजदूर भोजन कम होने की शिकायत कर रहे थे। इसलिए उन्हें बाद में तहरी बनाकर भेज दी गई है। लंच पैकेट में सात पूड़ी और सब्जी भेजी गई थी। लेखपालों के अनुसार मंगलवार से लंच पैकेट में भोजन की मात्रा बढ़ा दी जाएगी।
कमरों के बाहर टहलते नजर आए मजदूर
जीजीआईसी क्वारंटीन सेंटर में मजदूर कमरों में बिछे गद्दों पर बैठने की जगह बाहर बने बरामदे और मैदान में घूमते नजर आए। स्कूल में मेज पर कई मजदूर बैठे मिले। स्कूल के बाहर गेट पर चैनल बंद होने के बावजूद पुलिसकर्मी और स्टाफ ड्यूटी पर मुस्तैद रहा। अंदर कमरों में बिछाए के गद्दे खाली पड़े रहे। कुछ मजदूर गद्दों पर लेटे बैठे नजर आए।
सिपाही ने संवेदना दिखाकर उपलब्ध कराया दूध
भावलखेड़ा। जिला मुख्यालय पर रॉयन इंटरनेशनल स्कूल में हरियाणा के मजदूरों के लिए शेल्टर हाउस बनाया गया है। सोमवार सुबह डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने शेल्टर होम का निरीक्षण किया। एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने रात में ही वहां की सारी व्यवस्थाएं मुकम्मल करा दी थीं। उन्होंने बताया कि शेल्टर होम में 115 मजदूरों को ठहराया गया है। एसडीएम के अनुसार शहर से दूरी ज्यादा होने के कारण मजदूरों के लिए स्कूल परिसर में चाय और भोजन तैयार करने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सदर बाजार, चौक कोतवाली एवं आरसी मिशन थाने की फोर्स लगाई गई है। रविवार रात एक मजदूर का आठ माह का बच्चा दूध के लिए बिलखने लगा। तभी ड्यूटी पर मौजूद सिपाही लोकेंद्र सिंह ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपने कमरे से आधा लीटर दूध लाकर दिया।
सामाजिक दूरी से बेपरवाह दिखे मजदूर
मिर्जापुर। धर्मजीत सिंह महाविद्यालय में बने शेल्टर होम में 65 प्रवासी मजदूर रखे गए हैं। सीएचसी जरीनपुर के डाक्टरों की टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की है और उनमें से दस लोगों को जांच के लिए राजकीय मेडिकल कालेज भेजा जाएगा। शेल्टर होम में सामाजिक दूरी के पालन से बेपरवाह दिखे। सीएचसी प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने बताया कि दस लोगों को हल्की खांसी-जुकाम है। इसलिए उन्हें चिह्नित कर मेडिकल कॉलेज शाहजहांपुर भेजा जा रहा है। प्रवासी मजदूर रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक शेल्टर होम आते रहे। हरियाणा में नौकरी करने वाले कलान थाना क्षेत्र के ग्राम सथरी निवासी राम रहीस पुत्र महिपाल ने बताया कि वह रात 11 बजे आ गए, लेकिन अभी तक खाने पीने की व्यवस्था नहीं हुई है। एसडीएम कलान रमेश बाबू का कहना है कि मजदूरों की सुबह तक जांच होती रही और अब भोजन व्यवस्था की जा रही है।
गर्भवती की विशेष देखभाल में जुटे अफसर
जलालाबाद। राजकीय महाविद्यालय में बनाये गए क्वारंटीन सेंटर में 53 लोगों को रखा गया है। इनमें पांच महिलाएं भी शामिल है, जिनमें एक गर्भवती है। सोमवार दोपहर वहां पहुंचे तहसीलदार अजय कुमार ने क्वारंटीन किए गए लोगों से वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली, लेकिन कोई शिकायत नहीं मिली। इस दौरान तहसीलदार ने वहां मौजूद कर्मचारियों को गर्भवती महिला के लिए नाश्ता और भोजन के अलावा फल आदि उपलब्ध कराते रहने के निर्देश दिए।
अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूरों ने बुलाने की लगाई गुहार
शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में फंसे प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हो चुकी है। इसी के साथ अब महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में फंसे जिले के मजदूरों ने भी घर वापस लाने की प्रशासन से गुहार लगानी शुरू कर दी है। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि देश के कई राज्यों से प्रवासी मजदूरों के लगातार फोन मिल रहे हैं, लेकिन उन्हें वापस बुलाने के बारे में सरकार के स्तर से ही कोई निर्णय होगा। एडीएम के अनुसार हरियाणा से 597 मजदूर आए हैं। कुछ मजदूर अन्य जनपदों के भी हैं जिन्हें स्क्रीनिंग कराने के बाद क्वारंटीन किया गया है।