शिवदयाल की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 27 अप्रैल को जिस घर से बेटी की डोली उठनी थी, पांच दिन पूर्व उस घर से पिता की अर्थी निकली तो गांव के तमाम लोगों की आंखें नम हो गईं।
इकलौती पुत्री की शादी तय करने के बाद शिवदयाल खेत में मेहनत करने के साथ ही इधर-उधर काम कर रुपये एकत्र कर रहा था। वह लोगों से कहता था कि पुत्री की शादी धूमधाम से करेगा, लेकिन बारिश ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। खेत में हरी गेहूं की फसल हवा में गिर गई। गेहूं की बाली नीचे दब जाने से काली पड़कर खराब हो गई, जिससे उत्पादन पर भारी प्रभाव पड़ा। सपने टूटे तो शिवदयाल ने दुनिया ही छोड़ने का इरादा कर लिया, लेकिन परिवार में किसी को भी अपने इरादे की भनक नहीं लगने दी। मंगलवार शाम उसने पत्नी से जरूर कहा कि शादी में खर्च और गेहूं की फसल खराब होने के बाद उसके पास आत्महत्या के सिवा कोई चारा नहीं रह गया है। पत्नी ने उसे काफी समझाया, लेकिन मौत की ठान चुके शिवदयाल ने अंतत: फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी मौत से पुत्री पूजा की शादी कैसे होगी यह बड़ा सवाल है।
विधायक शकुंतला ने दिया
सहायता का आश्वासन
पुवायां। विधायक शकुंतला देवी बुधवार को फांसी लगाकर जान देने वाले किसान गांव इकघरा गौंटिया के शिवदयाल के घर पहुंची और उसकी पत्नी सावित्री देवी, पुत्री पूजा और पुत्र अंशू को सांत्वना दी। विधायक ने कहा कि वह पूरे मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगी और पांच लाख रुपए की सहायता दिलाने का प्रयास करेंगी। विधायक ने शिवदयाल के परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।