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उधारी निपटाने के लिए मांगी थी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष से रंगदारी

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शाहजहांपुर। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना वर्मा और उनके पति सपा नेता राजेश वर्मा को कॉल कर दस-दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले को पुलिस ने गढ़ मुक्तेश्वर से गिरफ्तार कर लिया। उसने जेल में बंद कुख्यात बदमाश का नाम लेकर रुपये मांगे थे। सब्जी बिक्री से घर का खर्च नहीं चलने और उधारी निपटाने के लिए हरदोई के युवक के सिम से रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।
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थाना सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला इंदिरा नगर कॉलोनी निवासी पूर्व मंत्री स्व. राममूर्ति सिंह वर्मा की पुत्रवधू अर्चना वर्मा व उनके पति राजेश वर्मा को कॉल कर रंगदारी मांगी गई थी। कॉल करने वाले ने दोनों को 22 जुलाई की दोपहर 12 बजे तक दस पेटी की व्यवस्था कर खाते में डालने के लिए कहा था। चेतावनी दी थी कि रुपये नहीं मिले तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। उसने अपना नाम नीरज बवाना बताया था और कहा था कि तिहाड़ जेल से बोल रहा है। धमकी आने के बाद अर्चना वर्मा ने सदर थाने और राजेश वर्मा ने जलालाबाद थाने में तहरीर दी थी। एसपी एस. आनंद ने तुरंत ही साइबर सेल प्रभारी नीरज यादव को खुलासे में लगा दिया था।
जांच में स्पष्ट हुआ कि रंगदारी मांगने वाला सिम कुछ समय ही चला था। जबकि उसी मोबाइल से दूसरा सिम चलता रहा। दूसरे सिम पर दिनेश कुमार वर्मा निवासी ग्राम अभायन थाना कांट के नाम की आईडी रजिस्टर्ड मिली। पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगाया तो उसकी लोकेशन दिल्ली से एनएच-24 पर मिली। उसके बाद आरोपी दिनेश कुमार निवासी मोहल्ला धैरिया थाना जलालाबाद को हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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वह वर्तमान में शांति मोहल्ला गली नंबर आठ गांधीनगर शाहदरा पुरानी दिल्ली में रह रहा था। उसके पास से मोबाइल, तीन सिम, एक टिकट (गढ़मुक्तेश्वर से शाहजहांपुर तक) का बरामद हुआ। एसपी एस. आनंद ने बताया कि दिनेश ने जेल में बंद कुख्यात अपराधी नीरज बवाना के नाम से रुपये मांगे थे। दिनेश गांधीनगर दिल्ली में रहकर सब्जी बेचने का काम करता था। सब्जी बेचने से खर्च पूरा नहीं हो रहा था। उसके ऊपर बहुत रुपया उधार हो गया था। वह एक बार में बहुत से रुपये कमाना चाहता था। इसलिए उसने रंगदारी मांगने का प्लान बनाया था।
हरदोई के अजय के सिम से किया था फोन
आरोपी दिनेश ने बताया कि उसने प्लान के तहत सबसे पहले सिम का इंतजाम किया, जो उसके नाम नहीं था। उसके पास शाहबाद, हरदोई का अजय कुमार अक्सर सब्जी लेने आता था। एक दिन कॉल करने के बहाने से उसका सिम ले लिया। चुपके से सिम निकालने के बाद मोबाइल वापस कर दिया। अजय ने पूछा कि फोन नहीं किया तो दिनेश ने कह दिया कि तुम्हारे नंबर से कॉल नहीं लग रही।
यकीन था रंगदारी मांगेंगे तो आसानी से मिल जाएंगे रुपये
आरोपी दिनेश जलालाबाद का निवासी है। उसकी कांट के अभायन क्षेत्र में ननिहाल है। कांट ददरौल विधानसभा में आता है। इसलिए पूर्व मंत्री स्व. राममूर्ति सिंह उसके अच्छे परिचित थे। उनके परिवार के सभी मोबाइल नंबर पहले से उसके पास थे। दिनेश ने पुलिस को बताया कि उसे यकीन था कि वह धमकी देगा तो राजेश और अर्चना वर्मा बिना किसी को बताए रुपये दे देंगे। उसी प्लान के तहत काम करते हुए दोनों से दस-दस लाख रुपये की मांग की थी।
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