शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र में गर्रा पुल के पास शुक्रवार रात अज्ञात वाहन ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सिंजई निवासी शासकीय अधिवक्ता विजय कुमार उर्फ अंजू गुप्ता व भाजपा चौक मंडल के उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता घायल हो गए। रात में ही दोनों को राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां डॉक्टर ने विजय कुमार को मृत घोषित कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर कोर्ट विजय कुमार उर्फ अंजू गुप्ता शुक्रवार शाम अपने मित्र चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अजीजगंज निवासी मनीष गुप्ता के साथ शाम पांच बजे कटिया टोला निवासी मित्र के बेटे की बर्थडे पार्टी में शामिल होने निकले थे। पार्टी खत्म होने पर रात साढ़े 10 बजे मनीष को बाइक पर बैठाकर विजय घर की ओर चल दिए। वह मनीष को अजीजगंज स्थित उनके घर छोड़ने के लिए जा रहे थे। पौने 11 बजे गर्रा पुल के पास पीछे से आए अज्ञात वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद विजय और मनीष उछल कर काफी दूर जा गिरे। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। इस बीच वहां से गुजर रहे सपा एमएलसी अमित यादव रिंकू भीड़ देखकर रुक गए। उन्होंने मनीष को अपनी गाड़ी और विजय कुमार को एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां विजय कुमार को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। शनिवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में पिता रमाशंकर की ओर से अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली
- राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मनीष गुप्ता टक्कर मारने वाले वाहन को नहीं देख पाए। उन्होंने बताया कि उन्हें तो बस एक जोरदार आवाज सुनाई दी। इसके बाद वह बेहोश हो गए। टक्कर मारने वाले वाहन की जानकारी घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे से होगी। दूसरी तरफ तहरीर मिलने के बाद चौक कोतवाली इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा ने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है।
15 मिनट तक बात करते रहे विजय
-हादसे के बाद विजय कुमार 15 मिनट तक बोल-चाल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी मयूर खन्ना बताते हैं कि घटनास्थल पर काफी ज्यादा भीड़ लग गई थी, लेकिन कोई अस्पताल तक ले जाने को तैयार नहीं था। विजय के हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोट लगी होने के बावजूद वह बात कर रहे थे।
शव देख बिलख पड़े परिजन
-पति विजय कुमार का हंसता-खेलता परिवार था। पत्नी शोभा गुप्ता गृहणी हैं। परिवार में 12 साल की बेटी अदिति और आठ साल का बेटा शोभा है। विजय की मौत की खबर सुनकर पूरा परिवार बिलख पड़ा। पिता रमाशंकर और छोटे भाई अजय गुप्ता के भी आंसू नहीं रुक रहे थे।
पुलिस से बचने के लिए नहीं, अपनी सुरक्षा को लगाएं हेलमेट
-सरकारी वकील विजय कुमार उर्फ अंजू गुप्ता व भाजपा नेता मनीष गुप्ता हेलमेट नहीं लगाए थे। विजय बगैर हेलमेट लगाए बाइक चला रहे थे। विजय हेलमेट पहने होते तो शायद उनकी जान बच जाती। आमतौर पर लोग पुलिस से बचने के लिए हेलमेट लगाते हैं, लेकिन उन्हें अपनी जान की सुरक्षा के लिए हेलमेट का प्रयोग करना चाहिए। ट्रैफिक इंस्पेक्टर यतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि चालान से बचने के लिए दोयम दर्जे का हेलमेट बिल्कुल नहीं लगाएं। हमेशा ऐसे हेलमेट को लगाएं जो आईएसआई मार्का हो। इससे सुरक्षा की गारंटी रहती है। उन्होंने वाहन को चलाते समय ओवरटेक करने में सावधानी बरतने की अपील की। कहा कि 90 प्रतिशत लोग लापरवाही से ओवरटेक करने के फेर में हादसे का शिकार हो जाते हैं।