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किसानों को हवा-हवाई साबित हो रही है सरकारी इमदाद

Tue, 05 May 2015 07:36 PM IST
मिर्जापुर।
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सरकार किसानों को अतिवृष्टि से हुए फसल नुकसान के बदले कुछ देना तो चाहती है, लेकिन  नौकर शाही सरकारी खैरात देने में रसूखदार लोगों का मुंह देख रही है। यही कारण है कि मिर्जापुर ब्लाक में अब तक फसल नुकसान का सर्वे तक नहीं हुआ है। इससे किसान परेशान हैं।
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क्षेत्र के गांव दोषपुर निवासी राजनरायन अगिभनहोत्री कहते हैं कि उनके डेढ़ एकड़ खेत में सिर्फ साढ़े पांच क्विंटल गेहूं हुआ है। अब इतने में उनके परिवार के छह सदस्यों का पेट कैसे भरेगा? क्षेत्र के गांव थोक निवासी रमेश ने तो सरकार की व्यवस्था पर ही प्रशभनचिन्ह लगाते हुए कहा कि सरकार का राजस्व विभाग पर नियंत्रण ही नहीं रह गया है। उधर, रामदयाल नगला गांव के हंसराज कहते हैं कि फसली नुकसान की राहत राशि तहसील पर ही राजस्व विभाग और रसूखदार बंदरबांट कर रहे हैं। इस सरकार में गरीब और कमजोर किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। गांव शंकरपुर कोड़र निवासी अवधेश मिश्र कहते हैं कि प्रशासनिक अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से फसली नुकसान दिए जाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन किसी ने भी किसानों की मांग पर गौर नहीं किया है। गांव दोषपुर थोक निवासी बिजेंद्र ने नौकरशाही को कोसते हुए कहा कि बिना भेंट पूजा के किसानों को कुछ भी नहीं मिलेगा। तहसील में बिना दलाली के कुछ नहीं होता है।
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अब कैसे अदा हो बैंक का कर्ज
मिर्जापुर। क्षेत्र के ग्राम बानगांव के दिनेश, उदयपाल, अतुल, अवधेश मिश्र, रामचंद्र, विपिन बिहारी, दोषपुर थोक निवासी चंदा, वीरपाल, संजय, रामदास, राकेश, शिव कुमार, सतीश आदि ने कहा कि उन लोगों ने बैंक से कर्ज लेकर गेहूं की फसल तैयार की, लेकिन खाने भर को ही गेहूं नहीं पैदा हुआ है फिर कर्ज कैसे अदा होगा?
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