शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद मंगलवार से शुरू होनी है। इसके लिए डीएम ने विभिन्न खरीद एजेंसियों के 171 क्रय केंद्र स्वीकृत किए हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों की लापरवाही से सोमवार शाम तक रोजा व तिलहर समेत कई मंडियों में तैयारियां पूरी नहीं हो सकीं।
चार माह तक प्रभावी रहने वाली धान की सरकारी खरीद के लिए जिले में विपणन शाखा के 37, यूपीएसएस के 39, पीसीएफ के 46, पीसीयू के 42 और भारतीय खाद्य निगम के सात क्रय केंद्र खोले जाने हैं। यह क्रय केंद्र सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे। किसानों को इस बार शासन से घोषित समर्थन मूल्य के अनुसार ए ग्रेड धान के लिए 2320 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य किस्म के धान का 2300 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान होगा। धान की खरीद ई-पॉप (पॉइंट ऑफ परचेज) मशीन के जरिए की जाएगी। इनमें से तमाम केंद्र मंडी परिसरों में खुलने हैं, लेकिन वहां अभी तक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा, चलना, बारदाना (जूट के बोरे) आदि सामान अभी तक नहीं पहुंचा है।
विपणन शाखा का बैनर टांगकर चले गए केंद्र प्रभारी
रोजा। मंडी में सोमवार शाम तक धान खरीद की तैयारियां पूरी नहीं हो सकीं। मंडी में कुल 22 क्रय केंद्र खोले जाने हैं। इनमें 21 केंद्रों पर धान और एक केंद्र पर बाजरा की खरीद होनी है। मंडी में आरएफसी व पीसीयू के छह-छह, पीसीएफ के सात और यूपीएसएस व एफसीआई के एक-एक केंद्र खुलने हैं। इसके बावजूद शाम तक केवल विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी ने अपना बैनर लगवाया। मंडी के बाकी शेड अभी सूने पड़े हैं। हालांकि, केंद्र प्रभारियों को खरीद को सभी जरूरी उपकरण व अन्य सामान दिया जा चुका है, लेकिन उसे केंद्र प्रभारियों ने मंडी में निर्धारित स्थानों पर नहीं पहुंचाया है। संवाद
शासन की खरीद नीति के अनुसार समर्थन मूल्य पर केवल उसी धान की खरीद होगी, जिसमें नमी 17 प्रतिशत अथवा इससे कम होगी। धान में ज्यादा नमी पाए जाने पर किसानों को अपनी उपज सुखाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। किसान अपना धान भली प्रकार सुखाकर और साफ करके क्रय केंद्रों पर लाएं।
-राकेश मोहन पांडेय, डिप्टी आरएमओ