बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसलों के नुकसान का मुआवजा देकर सरकार ने तो मरहम लगाने का प्रयास किया, लेकिन उसे पाने के किसान दर-दर भटक रहे हैं। आरोप है कि कहीं पर गांव का बिना सर्वे किए ही चेक वितरण किया गया, तो कहीं पर सुविधा शुल्क देने पर चेक दिए जाने की बात कही जा रही है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। मंगलवार को तहसील दिवस में कई गांवों के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजा के लिए हुंकार भरी, तो किसी ने अकेले ही प्रार्थनापत्र देकर सहायता की गुहार लगाई।
सकुलिया में सही नहीं किया गया सर्वे
भाकियू (भानु शगुट) के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में तहसील दिवस में पहुंचे गांव सकुलिया के विजय कुमार, नन्हें, रामरहीस, रूपसिंह, जदुवीर सिंह, सुरेश, रामफूल आदि ने प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम लालबहादुर को ज्ञापन देकर बताया कि उनके गांव में सर्वे करने के लिए प्राइवेट लोगों को लगाया गया, जिन्होंने सही सर्वे नहीं किया और पीड़ित किसान मुआवजा पाने से वंचित रह गए।
लेखपाल निलंबित, लेकिन फिर भी नहीं मिले चेक
खुटार के गांव दलीपपुर निवासी रामविलास, छत्रपाल, रामखिलौना, पुत्तूलाल, सत्यपाल, मुन्नी देवी, लक्ष्मी देवी आदि ने तहसील दिवस में प्रदर्शन करने के बाद एसडीएम को बताया कि उनके गांव में चेक वितरण में धांधली की गई। जिसकी शिकायत पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद भी उन लोगों को अभी तक चेकों का वितरण नहीं किया गया है। चेक नहीं मिलने से वह लोग बेहद परेशान हैं। इससे पूर्व में भी कई प्रार्थनापत्र देने के बाद भी कहीं से सुनवाई नहीं हो सकी है।
सबलापुर में नहीं किया चेकों का वितरण
बंडा के गांव सबलापुर निवासी प्रकाश, राकेश कुमार, जियालाल, अशोक कुमार, धर्मेंद्र कुमार, ओमप्रकाश, रामदयाल, वासुदेव, राजेश, रामेश्वर आदि ने तहसील दिवस में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बताया कि उनके गांव में चेकों का अभी तक वितरण नहीं किया गया है। चेक वितरण कराने के लिए लेखपाल से कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन लेखपाल किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मुआवजे के चेक वितरण में जहां-जहां की शिकायतें प्राप्त हुई हैं उनकी जांच कराई जाएगी। अगर कोई कर्मचारी दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
- लालबहादुर, एसडीएम पुवायां