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सरकारी विभागों पर लाखों का टैक्स

Tue, 24 Mar 2015 11:58 PM IST
शाहजहांपुर।
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नगर पालिका परिषद की ओर से निजी घरों के साथ ही सरकारी भवनों पर भी हाउस और वाटर टैक्स लगाया जाता है। शहर में कई सरकारी और गैर सरकारी भवन ऐसे हैं, जिनसे हाउस और वाटर टैक्स नहीं मिल रहा है। पालिका परिषद को इससे भारी क्षति हो रही है। नगर पालिका परिषद खुद भी इसके लिए दोषी है। दरअसल वह बकाया वसूली के प्रति गंभीर नहीं है।
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 ये हैं कुछ सरकारी विभाग और शहर के लोग, जिन पर बड़ी रकम बकाया है।

डीआईओएस कार्यालय - 14,81,078 रुपये
देश के भावी कर्णधारों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता का पाठ पढ़ाकर उन्हें आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी निभाने वाला विभाग भी बड़े बकाएदारों की सूची में शामिल है। डीआईओएस दफ्तर पर पालिका का लाखों रुपये टैक्स बकाया है।

वन विभाग - 11,21,948 रुपये
जिले को हरा-भरा बनाए रखने के लिए प्रयासरत वन विभाग भी हाउस टैक्स और वाटर टैक्स देने में रुचि नहीं ले रहा है। वन विभाग पर भी लाखों बकाया हैं।

जिला पंचायत बोर्ड - 9,81,148 रुपये
जिले में विकास कार्य कराने वाला जिला पंचायत बोर्ड नगर पालिका परिषद का बकाया टैक्स देने में सजगता नहीं बरत रहा है।

जिला समाज कल्याण छात्रावास - 33,97,20 रुपये
खिरनीबाग में स्थित जिला समाज कल्याण छात्रावास पर भी पालिका परिषद का साढ़े तीन लाख के करीब टैक्स बकाया चल रहा है।

राजकीय इंटर कालेज - 2,52,744 रुपये
खिरनीबाग स्थित राजकीय इंटर कालेज पर नगर पालिका परिषद के करीब ढाई लाख रुपये हाउस टैक्स और वाटर टैक्स का बकाया है।

मिशन स्कूल - 96,768 रुपये
शहर के मोहल्ला भारद्वाजी में स्थित मिशन स्कूल शहर के अच्छे विद्यालयों में से एक है। इस पर भी नगर पालिका का करीब एक लाख रुपये बकाया है।

इन लोगों पर भी है बकाया
विभागों के साथ कई लोग ऐसे भी हैं, जिन पर पालिका परिषद का लाखों रुपये टैक्स बकाया है। इसमें जसवंत कौर पत्नी जुझार सिंह पर 2,66,400 रुपये और शाहीन पत्नी अनीस अहमद 2,65,923 रुपये प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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‘नगर पालिका का बकाया टैक्स वसूलने के लिए बकाएदारों को समय-समय पर नोटिस भेजे जाते हैं। साथ ही हाउस टैक्स और वाटर टैक्स वसूली के लिए विभागीय कर्मचारी पूरा प्रयास कर रहे हैं। मार्च में कई बड़े बकाएदारों ने टैक्स जमा भी किया।’
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- मुनेंद्र सिंह राठौर, ईओ, नगर पालिका परिषद
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