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इंदलपुर गोशाला में एक गाय की मौत, एक गंभीर

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बंडा। बदायूं के बाद अब शाहजहांपुर की गोशालाओं में गायों के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। कुछ दिन पहले खुटार स्थित गोसदन सिमरा वीरान में एक गाय की मौत हो गई थी। अब बंडा के इंदलपुर गांव में एक गाय के प्राण त्यागने का मामला सामने आया है।
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बुधवार को इंदलपुर स्थित गोशाला में एक गाय की मौत हो गई, जबकि एक बीमार होने के कारण अंतिम सांसे गिन रही हैं। गोशाला में गायों के इलाज के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है। चारे के नाम पर सूखा भूसा दिया जा रहा है। जिसके लिए जिम्मेदार लोग सरकार से गोवंश की देखभाल के लिए आने वाली नाममात्र की धनराशि का रोना रो देते है।
गोशाला के ग्वाले शंकरलाल ने बताया कि बुधवार सुबह मरने वाली गाय पिछले कई दिनों से बीमार थी। जिसको उचित इलाज नहीं मिल सका। जबकि एक गाय काफी बीमार है और उठ पाने में सक्षम नहीं है। इस समय गोशाला में कुल 29 गाय हैं, जिनको खाने के लिए देने को भूसा आता है। जिसे ही वह सुबह और शाम डाल देते हैं। जब इस मामले में एसडीएम सौरभ भट्ट का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनका सीयूजी ऑफ आ रहा था। जिस कारण एसडीएम से बात नहीं हो सकी।
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पहले भी मर चुकी हैं कई गाय
- गांव वालों के मुताबिक इससे पहले भी गोशाला में कई गाय मर चुकी हैं, जिनकी मौत का कारण उनकी बीमारी ही होता है। लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने गोशाला की सुध लेने की जरूरत नहीं समझी है। जबकि कई बार गोशाला में गायों की हो रही दुर्दशा को लेकर शिकायती पत्र अधिकारियों को दिए जा चुके हैं। गोशाला पर असमय हो रही गायों की मौत से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ देखी जा सकती है।
जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला, सचिव बोले जानकारी नहीं
- ग्राम पंचायत सचिव शिवालय शर्मा से जब गोशाला में गायों की मौत होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि मुझे गोशाला के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
वहीं, गांव के प्रधान संतराम ने बताया कि गोशाला में पल रही गायों के कोई अलग से पैसा नहीं आया है। गोशाला में सबसे कमजोर गाय आती हैं, जो बीमार से मर जाती हैं। फिर भी वह गोशाला की देखरेख करवा रहा रहे हैं।
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