गांव सीमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन की भूमि ठेके पर लेने वाले किसान अधिकारियों की शह पाकर बिना नीलामी राशि जमा किए गेहूं कटवाने लगे हैं, जबकि किसानों को रुपये जमा करने के लिए नोटिस जारी होने के साथ ही ठेके की भूमि पर झंडी भी लगवाई गई थी।
गौरतलब है कि गोसदन लगभग डेढ़ सौ एकड़ भूमि हर वर्ष ठेके पर उठाई जाती है। विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर कुछ किसान कम जमीन नीलामी में लेकर अधिक जमीन जोत लेते हैं। इस वर्ष भी गायाें के चरने के लिए छोड़ी गई 13 एकड़ और खाली पड़ी लगभग 12 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा कर गेहूं की फसल बो दी गई थी। लोगों के शिकायत करने पर गोसदन प्रभारी डॉ. धीरज गंगवार ने करीब एक माह पूर्व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और एसडीएम से गोसदन की जमीन की पैमाइश कराने की मांग की थी, लेकिन पैमाइश नहीं कराई गई। भूमि ठेके पर लेने वाले कई किसानों ने नीलामी राशि भी जमा नहीं की।
खेत में झंडी लगे होने के बाद भी शनिवार दोपहर एक किसान ने गेहूं की फसल कटवानी शुरू कर दी। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत गोसदन प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में डीएम को मामले से अवगत कराने पर खुटार पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गेहूं काटा जा चुका था। पुलिस ने काटी गई फसल को कब्जे में लेने की जरूरत नहीं समझी और कोई कार्रवाई भी नहीं की। एसओ राजेश सिंह ने बताया कि एसडीएम ने फोन पर गेहूं की फसल काटने पर रोक लगवाने को कहा था। उनके आदेश पर कटाई रुकवा दी गई है। गोसदन के प्रभारी डॉ. धीरज गंगवार ने कहा कि वह बाहर हैं। लौटने पर मामले में कार्रवाई करेंगे।