शाहजहांपुर। धनतेरस के साथ दीपोत्सव की शुरुआत बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएगी। धनतेरस पर सोने चांदी की खरीदारी शुभ माना जाता है, जिसको लेकर सराफा बाजार सजकर तैयार हो गया है। सराफा बाजार में इस बार कोयंबटूर और कलकत्ता के डिजाइनर आभूषणों की मांग को देखकर मंगवाया गया है। इसके साथ ही हॉलमार्क के आभूषण ही बेचे जा रहे हैं, जिनको ग्राहक विश्वास के साथ खरीदता है।
कोरोना संक्रमण के चलते सराफा बाजार बिल्कुल सुस्त पड़ा था, जिसको त्योहार शुरू होने पर संजीवनी मिली है। अब धनतेरस और दिवाली का त्योहार आ गया। इससे कारोबारियों के चेहरे खिल गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि त्योहार पर बाजार अच्छा होगा। इसलिए धनतेरस पर बिक्री के लिए कोयंबटूर और कोलकाता में डिजाइन आभूषणों को मंगाया गया है, तो हॉलमार्क के आभूषण ही रखे जा रहे हैं। हल्के और नई डिजाइन के आभूषण आए हैं। जिन पर ऑफर मिल रहे हैं। इस बार ग्राहकों को लुभाने के लिए सोने व चांदी के कई नई डिजाइन के उत्पाद बाजार में उपलब्ध है। सोने-चांदी की ज्यादा कीमतों के चलते कम वजन के आभूषणों की मांग भी बाजार में बढ़ी है। चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्ति आदि की भी मांग है। इसके अलावा चांदी के डालर व नोट भी आकर्षण हैं। सीमित बजट वाले ग्राहकों में कम वजन वाली ज्वेलरी की मांग है। मध्यमवर्गीय परिवार भी चांदी के बर्तनों व अन्य डिजाइन उत्पाद की खरीदारी कर रहे हैं। ब्रांडेड ज्वेलरी शोरूम पर कई बीमा और छूट का ऑफर भी दिया जा रहा है।
कई रेंज में हैं सिक्के और नोट, ब्रिटिश काल के सिक्के भी उपलब्ध
चांदी के नोट दो ग्राम से पांच ग्राम तक के वजन में 150 से 300 रुपये तक उपलब्ध हैं। एक तोला पुरानी चांदी से बने सिक्के 800 से 900 रुपये में मिल रहे हैं। वहीं गणेश-लक्ष्मी अंकित चांदी के सिक्के भी 350 से 650 रुपये की रेंज में हैं। आभूषण टंच के आधार पर धातुओं के मूल्य पर निर्भर हैं। इनके साथ ही बाजार में कुछ सराफा कारोबारियों के पास ब्रिटिश कालीन चांदी के सिक्के भी उपलब्ध हैं। जिसकी कीमत 900 से 950 रुपये तक है।