वर्ल्ड काउंसिल आफ रिलिजंस एवं सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष परमसंत राजेंदर सिंह महाराज ने कहा कि वाह्य आंडबर से परमपिता परमात्मा को कोई प्राप्त नहीं कर सकता। इसके लिए सभी को अपना अंत:करण साफ करना होगा।
वह अजीजगंज स्थित वृंदावन गार्डंस में मंगलवार देर रात उमड़ी संगत को संबोधित कर रहे थे। सद्गुरू के दर्शन और उनकी अमरवाणी सुनने के लिए एक लाख के लगभग साधक जुटे, जिसमें विदेशी भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि सबका मकसद एक है। हमारा धर्म, मजहब, विचार, खानपान, रहन-सहन भिन्न हो सकते हैं, लेकिन मकसद अलग नहीं हो सकता। इंसान इसी मकसद को भूल जाता है। धन, ज्ञान, मान-सम्मान समेत अन्य बाहरी वस्तुओं की तलाश में रात-दिन जुटे रहने से जीवन का मुख्य उद्देश्य दूर हो जाता है। परमपिता परमात्मा को जानने से पहले स्वयं को पहचानना होगा। संत महाराज ने कहा कि जब तक शरीर में आत्मा है तभी तक हम हैं हमारा शरीर है और हमारी इंद्रियां काम कर रही हैं। शरीर से आत्मा दूर होते ही मिट्टी का शरीर मिट्टी में ही मिल जाता है। आत्मा ही परमात्मा का अंश है। इसलिए उसे पहचानना ही हमारा मकसद होना चाहिए। संत महाराज ने कहा कि आत्मिक ज्ञान बाहर से नहीं मिल सकता क्योंकि बाहरी सभी वस्तुएं क्षणिक हैं। उनका सुख भी क्षणिक ही होता है जबकि आत्मा से परमात्मा का मिलन अजर-अमर होता है।
इससे पूर्व माता रीटा ने ‘घूंघट के पट खोल री, तोहे राम मिलेंगे’ सबद कीर्तन किया। बच्चों ने गुरुदेव के स्वागत में नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की प्रधान कमलेश कौर माटा, गुरवचन सिंह माटा, विद्या देवी अग्रवाल, पादरी ईपी दास आदि ने संत राजेंदर सिंह का स्वागत किया।
वालंटियर ने संभाली जिम्मेदारी
संत जी के सत्संग के लिए उनके वालेंटियर्स ने ही मोर्चा संभाला। मुख्य मार्ग से लेकर सत्संग स्थल तक सैकड़ों महिला-पुरुष सफेद यूनिफार्म में यातायात, साधकों के आवागमन और उनके बैठाने की व्यवस्था करते रहे। आयोजन स्थल पर महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की अलग-अलग व्यवस्था सराहनीय रही।
पार्किंग में नहीं हुई दिक्कत
पार्किंग के लिए वृंदावन गार्डंस के सामने मैदान दुरुस्त किया गया था। यहीं पर दोपहिया और चौपहिया वाहन खड़े किये गये। यातायात संभालने के लिए वालेंटियर के अलावा पुलिस फोर्स भी जुटा रहा।
स्क्रीन पर दिखाई गुरुदेव की झलकियां
सत्संग स्थल पर दो बड़ी इलेक्ट्रानिक स्क्रीन लगाई गईं थीं, जिन पर साधकों को जानकारी देने के लिए संत सावन सिंह, संत कृपाल सिंह, संत दर्शन सिंह और संत राजेंदर सिंह से जुड़े कार्यक्रमों का प्रसारण किया जा रहा था।
दिनभर चला भंडारा
सत्संग में आए हजारों लोगों के लिए वृंदावन गार्डंस में ही पूरे दिन भंडारा चला, जिसमें हजारों लोगों ने प्रसाद छका। यह व्यवस्था बुधवार को भी जारी रहेगी। इसके अलावा रियायती मूल्य पर कैंटीन का संचालन भी कराया गया है, जहां जलपान और भोजन की व्यवस्था की गई है।
रैंप पर चलकर दिए दर्शन
लगभग एक लाख की भीड़ को सहज गुरुदेव के दर्शन कराने के लिए एक रैंप भी बनाया गया, जिस पर संत राजेंदर सिंह ने चलकर सभी को दर्शन दिए और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
आज होगा नामदान
बुधवार शाम छह बजे संत राजेंदर सिंह महाराज का प्रवचन होगा और इसके बाद नामदान किया जाएगा। नामदान के लिए मंगलवार से ही पंजीकरण शुरू कर दिया गया। पंजीकरण शिविर आयोजन स्थल पर ही बना है।