मिर्जापुर। ढाई घाट पर कार्तिक मेले का रविवार को औपचारिक उद्घाटन होना है, लेकिन यहां अब तक श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, बिजली, सफाई आदि की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो सकीं हैं। इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच शनिवार को देवउठनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने गंदगी से घिरे घाटों पर जाकर पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पर्व स्नान किया।
कार्तिक मेला शुक्रवार से आरंभ हो गया। माना जा रहा था कि देवउठनी एकादशी पर पहले पर्व स्नान से पूर्व जिला पंचायत वहां सभी जरूरी व्यवस्थाएं करा देगा, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। जिला पंचायत के मेला प्रभारी रजनीश कुमार के दावों के विपरीत यहां अब तक न तो घाटों की सफाई हो सकी है और न ही कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान पर्व पर आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के अनुसार पेयजल, पथ प्रकाश, सफाई आदि की व्यवस्था हो सकी है।
जिला पंचायत ने मेला क्षेत्र के मुख्य मार्ग को समतल करा दिया गया है। मेले का जायजा लेने आने वाले अधिकारियों के लिए दो टेंट आवास और सुरक्षा के लिए अस्थायी पुलिस कार्यालय भी खोला जा चुका है, लेकिन श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं हाशिए पर डाल दी गईं हैं।
मेला क्षेत्र में केवल 15 हैंडपंप लगाए गए हैं, जबकि मेले में भीड़ होने पर सभी घाटों के आसपास 25-30 नल लगाए जाने की आवश्यकता है। प्रकाश की व्यवस्था भी केवल मुख्य मार्ग पर की गई है, मेला क्षेत्र के अंदर नहीं। हालांकि, आठ शौचालय और महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए कई स्थान बनाए गए हैं, लेकिन मेला तक पहुंच मार्ग अब भी असमतल है।
मुख्य पर्व स्थान के दिन खराब रास्ते दुर्घटनाओं के साथ ही जाम लगने की वजह भी बन सकते हैं। नौ दिन तक चलने वाले मेले में मूलभूत सुविधाओं के लिए जिला पंचायत ने करीब 30 लाख का बजट जारी किया है, लेकिन मेले के दो दिन बीतने पर भी वहां अव्यवस्थाएं हावी हैं। रविवार को मेले का उद्घाटन वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना करेंगे।
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ढाई घाट मेला स्थल पर अभी श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम है। इसीलिए वहां सिर्फ 15 नल लगाए गए हैं। नलों मेंं हत्थे भी लगवाए जा रहे हैं। मेला क्षेत्र में गांधी चौक का निर्माण आज रात तक कर लिया जाएगा। उद्घाटन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएंगी।
-रजनीश कुमार, मेला प्रभारी, जिला पंचायत
मिर्जापुर में ढाई घाट किनारे सजा रंग-बिरंगे तंबुओं का शहर। संवाद