फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: बगैर टेंडर चल रहीं गोशालाएं और नंदीशाला, पशुओं को नहीं मिल रहा हरा चारा

Wed, 16 Apr 2025 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
विज्ञापन
न्यू सिटी ककरा ​स्थित नंदी शाला में मौजूद सांड़। संवाद - फोटो : Sanvad
विज्ञापन
शाहजहांपुर। नगर निगम क्षेत्र में एक नंदीशाला और दो गोशालाएं संचालित हैं। तीनों स्थानों पर क्षमता से अधिक पशु हैं। पशुओं को मानक के अनुरूप हरा चारा और चोकर नहीं मिल रहा है। सूखा भूसा खिलाया ला रहा है। तीन माह से बगैर टेंडर के नियम के विरुद्ध गोशालाओं का संचालन एक ही फर्म से कराया जा रहा है।
विज्ञापन

न्यू ककरा सिटी स्थित नंदीशाला में छह सौ से अधिक बैल-सांड़ मौजूद हैं। इसकी क्षमता पांच सौ पशुओं की है। नंदीशाला में मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक गोशाला में 13 कर्मचारी कार्य करते हैं। दिन में 10 और रात में तीन कर्मचारी तैनात रहते हैं। कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में हरा चारा नहीं मिल पा रहा है।
दिन में छह क्विंटल चोकर पशुओं को दिया जाता है। मघई टोला स्थित कान्हा गोशाला की क्षमता तीन सौ गाय रखने की है। यहां पर वर्तमान में यहां पर 331 गाय हैं। गोशाला के कर्मचारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। भूसे के साथ दिन में तीन क्विंटल चोकर मिलाकर पशुओं को खिलाया जाता है।
विज्ञापन

गोशाला की देखभाल के लिए 11 कर्मचारी तैनात हैं। कान्हा गोशाला के पास बनी नई गोशाला में तीन सौ गाय रखने की व्यवस्था है, लेकिन यहां भी क्षमता से अधिक 355 पशु मौजूद हैं। गोशाला के कर्मचारी ने बताया कि हरा चारा नहीं मिल पा रहा है। दिन में पांच क्विंटल चोकर में भूसा मिलाकर खिलाया जाता है। देखभाल के लिए 12 कर्मचारी लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 35 लाख रुपये तीनों स्थानों का खर्च हर महीने आता है।
-
वित्तमंत्री के निर्देश पर पार्षद ने पाई गड़बड़ी, नगर आयुक्त को दिया पत्र
वार्ड नंबर 34 के पार्षद शिवओम सक्सेना ने बताया कि वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के निर्देश पर न्यू सिटी ककरा स्थित नंदीशाला की पड़ताल की। इसमें पाया गया कि पशुओं को हरा चारा नहीं दिया जाता है। शासन ने गोशाला और नंदीशाला में पशुओं को आहार देने के मानक तय किए हैं। इसमें प्रति पशु पांच किलो भूसा, तीन किलो हरा चारा और दो किलो चोकर प्रतिदिन देना है। 30 पशुओं पर एक सेवादार होना चाहिए, लेकिन नंदीशाला और गोशाला में मानक के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है। एक ही व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए निविदा प्रक्रिया नहीं कराई जा रही है। इसमें लाखों रुपये की गड़बड़ी हो रही है। इस मामले में नगर आयुक्त को शिकायती पत्र दिया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पार्षद ने मंगलवार को फिर से नगर आयुक्त को पत्र देकर मामले में जांच कराने की मांग की है।

वर्जन-
नंदीशाला और गोशाला की आए दिन अधिकारी निरीक्षण करके वहां की व्यवस्थाओं को देखते हैं। हरा चारा नहीं मिलने की जांच कराई जाएगी। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो रही है। जल्द ही पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन

- साैरभ श्रीवास्तव, महाप्रबंधक जल, नोडल अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें