फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीद नीति को पलीता लगा रहे गल्ला आढ़ती

Sat, 07 Oct 2017 12:30 AM IST
शाहजहांपुर
विज्ञापन
अमर उजाला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
शाहजहांपुर। खरीफ सीजन में किसानों को उनकी उपज का सरकार से समर्थन मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन ने भले ही विभिन्न एजेंसियों को 132 धान क्रय केंद्र आवंटित किए हों, पर किसानों को उनसे कोई लाभ नहीं मिल रहा। तमाम क्रय केंद्र खुले ही नहीं और जो केंद्र खोले गए, वहां धान में नमी ज्यादा बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। उधर, गल्ला आढ़ती 30 फीसदी नमी वाले धान पर भी किसानों को बेहतर भाव देकर शासन की खरीद नीति को पलीता लगा रहे हैं। इसीलिए मंडियों में हो रही आवक की तुलना में दस दिन के दौरान सरकारी खरीद नगण्य है।
विज्ञापन

रोजा मंडी की आढ़तों में खप रही धान आवक 
रोजा। मंडी में दस दिन के दौरान आढ़तों पर 1.30 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों के हिस्से केवल 13 क्विंटल आया। मंडी के पांच सेटर की खरीद शूून्य है। सिर्फ  पीसीयू क्रय केंद्र में ही धान खरीदा जा सका है। मंडी सचिव संजय सिंह का कहना है कि सरकार द्वारा निर्धारित मानक से नमी लगभग ड्यौढ़ी-दोगुनी होने से क्रय केंद्रोें पर धान खरीद पटरी पर नहीं आ सकी है। उधर, मंडी पहुंचे किसानों और आढ़तियों ने बताया कि सरकार के निर्धारित रेट 1550 की तुलना में शुक्रवार को 30 प्रतिशत नमी वाला धान 1350 रुपये तक बिका। राइस मिलर्स द्वारा धान नहीं लिए जाने से आढ़ती किसानों से खरीदा गया धान पंजाब-हरियाणा भेज रहे हैं और वहां रेट अच्छा मिल रहा है।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें