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किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं होने पर जताई नाराजगी

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ganna bakaya
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शाहजहांपुर। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में बजाज ग्रुप की मकसूदापुर चीनी मिल और सहकारी क्षेत्र की पुवायां चीनी मिल की लचर स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
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कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को गन्ना विभाग और चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने मिल वार भुगतान की समीक्षा की और किसानों को बकाया भुगतान करने में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समीक्षा से पता चला कि डालमिया ग्रुप की निगोही चीनी मिल ने कुल देयता 32632.17 लाख रुपये के सापेक्ष 24 फरवरी तक खरीदे गए गन्ना का 28521.85 लाख रुपये भुगतान कर दिया है। इसी तरह बिरला ग्रुप की रोजा मिल ने अभी तक 18839.92 लाख रुपये का गन्ना खरीदा और गत 28 जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का 12499.11 लाख रुपये भुगतान किया है। सहकारी क्षेत्र की तिलहर मिल प्रबंधन ने कुल देयता 7963.38 लाख रुपये के सापेक्ष कुल 2558.27 लाख रुपये गत वर्ष 27 दिसंबर तक का और पुवायां मिल ने कुल देय 6665.01 लाख रुपये देयता के सापेक्ष 1792.89 लाख रुपये गत 20 दिसंबर तक का भुगतान किया है।
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मकसूदापुर चीनी मिल के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक मात्र 510.70 लाख रुपये का भुगतान किया जा सका है। एडीएम ने मकसूदापुर मिल की लचर भुगतान स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की और शासन की मंशा के अनुरूप गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने मिलों द्वारा उत्पादित चीनी को बंधक रखकर बैंक और चीनी की बिक्री से प्राप्त कुल धनराशि की 85 प्रतिशत धनराशि से गन्ना मूल्य का भुगतान करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव, चीनी मकसूदापुर मिल के अध्यासी वीसी त्यागी, रोजा मिल के अध्यासी मुनेश पाल, पुवायां मिल के प्रधान प्रबंधक आरके श्रीवास्तव, निगोही मिल के महाप्रबन्धक आशीष त्रिपाठी, पुवायां गन्ना समिति के सचिव विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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