बिजली की अघोषित कटौती से परेशान किसानों ने मंगलवार को गंगसरा बिजली उपकेंद्र का घेराव किया। भारी संख्या में किसान उप केंद्र पर पहुंचे तो कर्मचारी ताला डालकर खिसक लिए। आरोप है कि जेई ने बिजली उप केंद्र पर बैठने पर जेल भिजवाने की धमकी दी। इससे किसानों में रोष है।
गांव कैमहरिया, मतलूकपुर, महमदपुर सैंजनिया, भानपुर, खानपुर, रघुनाथपुर, औरंगाबाद, मेदाखेड़ा आदि के तमाम किसान गंगसरा बिजली उप केंद्र पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। अधिशासी अभियंता को भेजे पत्र में किसानों ने बताया कि उन लोगों के नलकूप कनेक्शन हैं। एक सप्ताह से बिजली सप्लाई की स्थित अत्यंत खराब है। बिजली आने पर नलकूप चलाया जाता है तो खेत तक पानी पहुंचने से पहले ही बिजली गायब हो जाती है। इससे धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। जबकि इसी उपकेंद्र से गुटैया, नत्थापुर क्षेत्र को ज्यादा बिजली दी जा रही है। तमाम बार शिकायत के बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि वह लोग मंगलवार को शिकायत लेकर गंगसरा बिजली उप केंद्र पर पहुंचे तो कर्मचारी वहां ताला डालकर खिसक लिए जेई से बात की गई तो उन्होंने उप केंद्र पर बैठने पर जेल भिजवा देने की धमकी दी। मामले की जानकारी एसडीएम लालबहादुर को दी गई तो उन्होंने समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। किसान महबूब आलम, इमरान खां, र्सजीत सिंह, इनायतुल्ला खां, पलविंदर सिंह मुमताज खां, नक्षत्र सिंह, रामाधार, सगीर, जरीफ, मोहम्मद असलम, कुलवंत सिंह, गुरजीत सिंह, बूटासिंह आदि ने कहा कि बिजली नहीं मिली तो वह लोग चक्का जाम पर बाध्य होंगे।
क्षमता से अधिक लोड होने के कारण एक दिन कट लगाकर बिजली दी जा रही है। किसी क्षेत्र को अधिक बिजली देने की बात गलत है। किसानों को कोई धमकी नहीं दी है। सप्लाई में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-आरपी यादव, जेई गंगसरा बिजली सब स्टेशन