दो दिन से बारिश का दौर कम होने के कारण जिले से होकर बहने वाली गंगा और उसकी सहायक नदियों में पानी का उफान भी कम होने लगा है। बुधवार को भैंसार बांध पर गंगा के जल स्तर में 20 सेमी की कमी दर्ज की गई। उधर, शहर के समीप से निकलीं गर्रा और खन्नौत के जल स्तर में भी कमी नोट की गई।
बीते शनिवार की रात से रविवार को दिन निकलने तक हुई व्यापक वर्षा के कारण पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बैराजों से पानी की निकासी बढने के साथ नदियां हिलोरे लेने लगी थीं। नरौरा बैराज से 48 घंटे में रिलीज हुए 1.50 लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा में आने पर भैंसार बांध का जल स्तर बढ़ने लगा था। कई बैराजों का पानी समेटने वाली रामगंगा और अन्य नदियां भी चढ़ने से तटवर्ती गांवों के किसान बाढ़ की आशंका से परेशान हो उठे थे।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बुधवार दिन में मिली रिपोर्टों के अनुसार नरौरा बैराज से गंगा में 44501 क्यूसेक पानी रिलीज हुआ। इस कारण भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर 20 सेमी गिरकर 142.50 मीटर पर पहुंच गया है। इसी तरह खो, हरेली, रामनगर, किच्छा आदि बैराजों से पानी की निकासी घटकर 13314 क्यूसेक रह गई जिससे रामगंगा भी सिमटने लगी है। फ्लड कंट्रोल रूम में तैनात तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार गर्रा नदी भी 20 सेमी घटकर 146.05 मीटर पर बह रही है क्योंकि उसमें ड्यूनी डॉम से अतिरिक्त पानी नहीं बहाया गया। खन्नौत दस सेमी घटकर 144.20 मीटर पर आ गई है।