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Shahjahanpur News: भैंसार बांध पर गंगा स्थिर, छठे दिन भी बंद रहा स्टेट हाईवे

Fri, 20 Sep 2024 04:21 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। बारिश का दौर थमने के साथ बैराजों से पानी की निकासी लगातार कम है। इससे नदियों के जलस्तर में गिरावट आने लगी है। इसके बावजूद उनके तटीय इलाकों में बसे गांवों में बाढ़ के हालात जस के तस हैं। कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर बीते 24 घंटे से खतरे के निशान से दस सेमी नीचे 143.50 मीटर पर स्थिर है।
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रामगंगा के जलस्तर में 52 सेमी कमी आई है। शहर के समीप गर्रा का जलस्तर 85 सेमी और खन्नौत का 35 सेमी कम हो गया। नरौरा समेत विभिन्न बैराजों से गंगा, रामगंगा में पानी की निकासी कम हो रही है, लेकिन कलान व जलालाबाद तहसील में दोनों नदियों के तटीय इलाकों में बसे तमाम गांवों के लोग बाढ़ की दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
नरौरा बैराज से गंगा में पानी की निकासी 27 हजार 337 क्यूसेक कम हो गई है, लेकिन अभी वहां से 1.15 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी निकल रहा है। खो, हरेली, किच्छा, रामनगर, कोसी आदि बैराजों से रामगंगा में पानी पहले से कम हुआ है, लेकिन 20 हजार क्यूसेक से ज्यादा निकासी जारी है। ड्यूनी डाम से गर्रा में पानी की मात्रा 2165 क्यूसेक कम होकर 6404 क्यूसेक हो गई है। लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को बाढ़ से कोई राहत नहीं मिली। जलालाबाद व कलान तहसील में दोनों नदियों के तटीय गांव अभी बाढ़ से घिरे हैं।
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शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे पर फर्रुखाबाद जिले में चौरा गांव के पास एक किमी दायरे में तीन से चार फुट पानी भरा होने से हाईवे पर आवागमन छठे दिन भी ठप रहा। उधर, फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 39 सेमी बढ़ जाने से वहां नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गई है। इस कारण डबरी घाट के आसपास बसे अल्हागंज क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। हालांकि, सिंचाई विभाग शारदा नहर खंड के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर का कहना है कि बैराजों से पानी की निकासी घटने का असर नदियों में दो दिन बाद से दिखना शुरू होगा।
एक्सईएन के अनुसार तीन दिन पहले तक बैराजाें से निकला पानी अभी जिले की नदियों से पूरी तरह निकल नहीं सका है। इसीलिए नदियों में उफान धीरे-धीरे कम हो रहा है।
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