शाहजहांपुर। वर्ष 2025 तक टीबी के समूल नाश के लिए क्षय रोगियों को खोजने में स्वास्थ्य विभाग पूरी ताकत के साथ लगा है। नौ सितंबर से शुरू अभियान में मंगलवार तक 125 नए मरीज मिले। उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। टीमें घर-घर जाकर रोगी खोजने के साथ बचाव के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
जिला क्षय रोग विभाग ने जिले की 20 प्रतिशत आबादी तक पहुंच बनाते हुए स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा था। इस कार्य के लिए 58 सुपरवाइजर व 273 टीमों को लगाया है। भावलखेड़ा, जलालाबाद, तिलहर, ददरौल, कांट, निगोही, अल्हागंज, मदनापुर, कलान आदि में अभियान चलाकर रोगी खोजे गए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि संदिग्ध लगने वाले 5715 लोगों की बलगम की जांच में 125 टीबी के नए रोगी मिले हैं। उनका उपचार शुरू करा दिया गया है। 20 सितंबर तक चलने वाले अभियान में अभी रोगियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
यहां चलाया अभियान
-मलिन बस्ती, हाईरिस्क क्षेत्र, अनाथालय, वृद्ध आश्रम, नारी निकेतन आदि में टीमें जाकर जांच कर रही हैं। दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, बलगम में खून आने वाले रोगियों की तलाश कर जांच की जाती है। रोगी मिलने पर परिवार के सदस्यों की जांच भी होती है।
यह भी जानें
7046 मरीजों को जनवरी से अभी तक खोजा गया।
6151 मरीजों का वर्तमान में उपचार चल रहा है।
895 रोगी स्वस्थ हो गए हैं।
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टीबी के लक्षण
-दो सप्ताह से अधिक खांसी और बुखार। बलगम में खून आना। भूख न लगना। वजन का कम होना। रात में पसीना आना। गले में गांठ (लिम्फनोड)। महिलाओं में बांझपन की समस्या इत्यादि।
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शहरी व ग्रामीण इलाकों की 20 प्रतिशत आबादी में जांच की जाएगी। टीबी का मरीज चिह्नित होने पर उसका निक्षय पोषण योजना में पंजीकरण कर उपचार शुरू करते हैं। उसके खाते में पोषण के लिए प्रतिमाह 500 रुपये की धनराशि दी जाती है।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ