शासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में गांधीवादी तरीके से अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले गांधी भवन में बापू की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना दिया। इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और अन्य पदाधिकारियों ने शासन स्तर पर लंबित मांगों के लिए अब तक किए गए संघर्ष का उल्लेख किया। बाद में कर्मचारियों ने मौन जुलूस निकाला और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट जय प्रकाश को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
परिषद के जिलाध्यक्ष ने मौन धरना को वादा निभाओ कार्यक्रम का नाम देते हुए बताया कि राज्य कर्मचारी सरकार की दमनकारी नीतियों से त्रस्त होने के कारण सरकार को गांधीवादी तरीके से जगाने को एकजुट हुए हैं। कर्मचारी नेता एचएन मिश्रा ने लखनऊ में विधानसभा घेराव के बाद प्रांतीय नेताओं की सरकार से हुई वार्ता का उल्लेख करते हुए मांगों पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाले जाने पर निराशा जताई।
संरक्षक मंडल के सदस्य अजय वर्मा सिंह ने मांगें स्वीकृत कराने के लिए संघर्ष के लिए एकजुट रहने पर बल दिया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने मांग पत्र पढ़कर सुनाया। बाद में जिलाध्यक्ष दीक्षित की अगुआई में राज्यकर्मियों ने मौन जुलूस निकाला और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। धरना में रविशंकर शर्मा, जितेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, शराफत हुसैन, भूप सिंह, केपी सिंह, देवीशंकर कनौजिया, शैलेंद्र अवस्थी, सीपी सिंह, ओमकार नाथ शुक्ला, गिरीश बाबू, जोगेंद्र गंगवार, निर्मल चंद्र अवस्थी आदि शामिल रहे। परिषद के मंत्री अमित सिंह ने सभी का आभार जताया।