शाहजहांपुर। गढि़या रंगीन पीएचसी क्षेत्र में 70 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने के बाद सेंट्रल से आई टेक्निकल सपोर्ट यूनिट ने केस स्टडी बनाकर प्रदेश में उदाहरण के रूप में प्रस्ताव किया। केस स्टडी में बंडा की नभीची पीएचसी का जिक्र भी है। उन्होंने जिले के स्वास्थ्य विभाग की सराहना की है।
गढि़या रंगीन क्षेत्र में पूर्व में अधिकतर प्रसव दाई के माध्यम से होते थे। सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने यहां के प्रसव केंद्र को सक्रिय कराकर स्टाफ की नियुक्ति की। टूटी चहारदीवारी को सही कराया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से लोगों को घरों पर होने वाले प्रसव के नुकसान गिनाए, साथ ही संस्थागत प्रसव पर जोर दिया। प्रधानों का सहयोग भी लिया। सीएमओ के अनुसार, जून महीने में 70 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने पर सेंट्रल से आई टीम ने जानकारी लेकर प्रसव कराने वाली महिलाओं का साक्षात्कार लिया। सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने बताया कि संस्था ने केस स्टडी के तौर पर लेते हुए गढि़या रंगीन और नभीची पीएचसी को उदाहरण के तौर पर दूसरे जिलों में प्रस्तुत किया है। वर्तमान में क्षेत्र में मात्र दस प्रतिशत ही घराें में प्रसव हो रहे हैं। उन्हें भी जागरुक किया जा रहा है।