पुवायां। आपत्ति दाखिल किए जाने के बाद भी बैनामा करने का आरोप लगाकर हंगामे के बाद एक महिला रजिस्ट्रार कार्यालय में शुक्रवार को बेहोश हो गई। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को जांच के निर्देश दिए हैं।
सिंधौली के गांव मिश्रीपुर निवासी सतेंद्र सिंह की पत्नी संगीता देवी ने 21 जनवरी को रजिस्ट्रार कार्यालय में आपत्ति दाखिल की थी। बताया था कि उनके पति की तबीयत ठीक नहीं है। उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने तीन लाख रुपये का कर्ज निकाल लिया है। उनके पति को कुछ लोग अपने घर में रखते हैं और बहला-फुसलाकर जमीन का बैनामा करा लेना चाहते हैं। जमीन बिकने से उनके और बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
सतेंद्र शुक्रवार को बैनामा करने पहुंच गए तो संगीता देवी भी बच्चों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय आ गईं। रजिस्ट्रार से उन्होंने कहा कि आपत्ति के बाद भी सांठगांठ से बैनामा किया जा रहा है। इस बीच संगीता देवी बेहोश होकर गिर पड़ी। उनको काफी देर बाद होश आया। संगीता देवी ने रजिस्ट्रार पर तमाम आरोप लगाते हुए एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया है।
उधर, उप निबंधक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि आपत्ति दाखिल होने से किसी को बैनामा करने से नहीं रोका जा सकता है। सतेंद्र ने दो एकड़ जमीन अपने बच्चों और ढाई बीघा जमीन अपनी भाभी स्व. उर्नेश सिंह की पत्नी गंगा देवी के नाम दान का बैनामा किया है। सतेंद्र के पास लगभग इतनी ही जमीन और है। रजिस्ट्रार ने लगाए जा रहे आरोप निराधार बताए हैं।
गवाहों को भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए कहा
एसडीएम संजय पांडे ने बताया कि नायब तहसीलदार से कहा गया है कि वह उप निबंधक कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करें कि आपत्ति के बाद भूमि का बैनामा किस आधार पर किया गया है। दर्ज आपत्ति का निस्तारण किया गया है कि नहीं और दानपात्र बैनामे के गवाहों को भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इधर, संगीता ने डीएम से भी जांच और कार्रवाई की मांग की है।