पुवायां (शाहजहांपुर)। विवादित जमीन पर एक पक्ष को कब्जा दिलाने के खिलाफ भाकियू (भानु गुट) कार्यकर्ताओं ने सोमवार को पुवायां तहसील में करीब एक घंटे जमकर हंगामा किया। इस दौरान कार्यालय में मौजूद तहसीलदार को अपनी गाड़ी में बैठकर मौके से भागना पड़ा। तहसीलदार ने भाकियू कार्यकर्ताओं पर अभद्रता और हमला करने का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ के जांच कराने का आश्वासन देने पर लोग शांत हुए।
खुटार थाना क्षेत्र के ग्राम हिम्मतपुर निवासी बूटा सिंह की पत्नी सुखविंदर कौर और वहीं के बलविंद्रर सिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। सोमवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे भाकियू जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव कार्यकर्ताओं के साथ पुवायां तहसील पहुंचे। वह सुखविंदर कौर के पक्ष में वार्ता करने पहुंचे थे। उनका कहना है कि हिम्मतपुर के बूटा सिंह की पत्नी सुखविंदर कौर ने जमीन का बैनामा कराया है। उस जमीन को कुछ लोग हथियाना चाहते हैं। यह मामला तहसीलदार कोर्ट में लंबित है। आरोप है कि तहसीलदार ने मुकदमे में कोई फैसला किए बिना ही जमीन पर विरोधी का कब्जा करा दिया। इसमें खुटार एसओ की पूरी मिलीभगत रही।
तहसीलदार कार्यालय के सामने पहुंचते ही भाकियू कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। वे तहसीलदार पर गलत तरीके से जमीन जुतवाने का आरोप लगा रहे थे। इसी बीच तहसीलदार अपने कार्यालय से उठकर कोर्ट में चली गईं। इस पर भड़के भाकियू कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देख तहसीलदार अपनी गाड़ी में बैठकर जाने लगीं। तहसीलदार को जाते देख सुखविंदर कौर, उनके परिजन और भाकियू कार्यकर्ताओं रोकने के लिए गाड़ी पीछे दौड़े। मगर चालक गाड़ी को तेज से निकालकर ले गया। आरोप है कि गाड़ी की चपेट में आने से सुखविंदर के देवर के पैर में हल्की चोट भी आ गई। तहसीलदार के चले जाने पर भाकियू कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे।
उधर, वहां से निकलने के बाद तहसीलदार ने हंगामे की सूचना आला अफसरों को दी। इसके बाद सीओ नवनीत कुमार नायक और कोतवाली प्रभारी सुनील अहलावत पुलिस टीम के साथ तहसील परिसर जा पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनवाना शुरू किया तो भाकियू कार्यकर्ता इधर-उधर भागने लगे। हालांकि कुछ देर बाद कार्यकर्ता दोबारा इकट्ठे हो गए। फिर एसडीएम और सीओ से वार्ता के दौरान मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। दोपहर करीब 12 बजे भाकियू नेता मान गए। जिलाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह यादव का आरोप है कि तहसीलदार ने कार्यकर्ताओं और पीड़ित का पक्ष नहीं सुना, जिससे मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। उनका कहना है कि अगर किसी कार्यकर्ता पर कार्रवाई हुई तो जिले भर में आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं का वीडियो बनाया तो खिसके
तहसीलदार कार्यालय के बाहर नारेबाजी के दौरान मौके पर तमाशबीनों की भीड़ लग गई। कुछ देर बाद सीओ फोर्स के साथ पहुंचे और सामाजिक दूरी का पालन नहीं किए जाने, मास्क नहीं लगाने को लेकर पुलिसकर्मियों से वीडियो बनाने को कहा तो तमाम भाकियू कार्यकर्ता इधर उधर हो गए। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि कब्जे के मामले में मुकदमे की फाइल देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।
भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष सहित तमाम कार्यकर्ता आए थे। उनका कहना था कि सुखविंदर कौर के साथ ज्यादती हुई है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मामले की जांच कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए। घेराव के संबंध में तहसीलदार से वार्ता की जाएगी। कहीं कोई अभद्रता तो नहीं की गई।
- नवनीत कुमार नायक, सीओ पुवायां
न्यायालय में चल रहे मामले में कब्जे का कोई लेना देना नहीं है। कोर्ट के जिसके पक्ष में आदेश होगा, उनको कब्जा दिला दिया जाएगा। मैं इस मामले की जांच करने गांव में मौके पर गई थी। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई न हो, इसीलिए दबाव डाला जा रहा है। भाकियू कार्यकर्ताओं की ओर से पहले अभद्रता की गई। जब मैं गाड़ी में बैठकर जाने लगी तो गाड़ी पर हमला किया गया। मैंने अभी किसी से कोई शिकायत नहीं की है।
- तृप्ति गुप्ता, तहसीलदार, पुवायां