साइबर अटैक के बढ़ते खतरे के मद्देनजर बरती जा रही एहतियात
- बैंक भी दे रहे सावधानी बरतने की सलाह
- फिलहाल साइबर अटैक की नहीं हुई कोई घटना
- एटीएम बंद होने का कारण करेंसी की भारी कमी
वैसे तो विश्व के तमाम देश साइबर अटैक की जद में आ चुके हैं, जिसमें अपना भारत भी शामिल है, लेकिन जनपदवासी साइबर अटैक के नहीं, बल्कि आरबीआई की ज्यादती के शिकार हो रहे हैं। आरबीआई करेंसी से एटीएम का पेट नहीं भर पा रही है। ऐसे में इक्के-दुक्के एटीएम ही जैसे-तैसे उपभोक्ताओं के काम आ रहे हैं, अधिकांश एटीएम बंद पड़े हैं। शेष बैंकिंग गतिविधियां फिलहाल यहां सामान्य हैं। एहतियात के तौर पर ई-बैंकिंग का लाभ लेने वाले बैंक ग्राहकों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। सावधानी के तौर पर साइबर कैफे भी अनावश्यक साइट नहीं खोेल रहे हैं।
देश-दुनिया से साइबर अटैक की आ रहीं खबरों से सावधान रहना ही बैंक ग्राहकों को अधिक मुफीद लगा, इसलिए उन्होंने ई-बैंकिंग, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन आदि कामकाज फिलहाल बंद कर रखे हैं। वाणिज्यिक गतिविधियों में महारत हासिल करने वाले एसएस कॉलेज प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र कहते हैं कि विदेशी हैकर इंटरनेट गतिविधियों को ठप करना चाहते हैं, हालांकि इसका लाभ वह स्वयं नहीं उठा पा रहे हैं, लेकिन कई देशों का काम जरूर प्रभावित कर रहे हैं। उनकी गतिविधियों से बैंकों ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वह कुछ दिन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में सावधानी बरतें।
डॉ. मिश्र बताते हैं कि साइबर अटैक से सबसे अधिक नुकसान साइंटिस्ट, शोधकर्ताओं, सर्वे, डेटा संकलित करने वालों को होने की उम्मीद है। उनकी गोपनीयता भंग होने का खतरा है, साथ ही वर्षाें की कमाई थोड़ी सी चूक में नष्ट हो सकती है। हालांकि इसका लाभ हैकर को नहीं मिल पाएगा, लेकिन वह सब कुछ अस्थिर करना चाहता है। इधर, एटीएम बंद होने से बैंकों में लेनदेन के लिए भीड़ उमड़ रही है।
अभी तक शाहजहांपुर या आसपास के किसी जनपद में साइबर अटैक का मामला सामने नहीं आया है। ऐसी कोई घटना यहां नहीं हुई है। हां, एटीएम बंदी की जो समस्या है वह करेंसी की अनुपलब्धता के कारण है। बॉब के लगभग 80 प्रतिशत एटीएम रुपयेे की कमी सेे बंद पड़े हैं। आरबीआई से रुपये की बराबर डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन वह डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात कहकर रुपये की व्यवस्था नहीं कर रहा है। एटीएम, कंप्यूटर अपडेट करने का काम लोकल स्तर पर नहीं किया जाता है। अपडेट का काम मुंबई सेंटर से ही किया जाता है। ग्राहक गुमराह न हों, इसलिए संबंधित जानकारी देने की अभी जरूरत महसूस नहीं की जा रही है।
बीएम गुप्ता, अग्रणी प्रबंधक, लीड बैंक
अधिकांश एटीएम रुपयों की कमी से बंद हैं। इसमें साइबर अटैक का कोई प्रकरण शामिल नहीं है और यहां ऐसी कोई घटना अभी तक प्रकाश में नहीं आई है। फिर भी सावधानी बरती जा रही है।
रमेश चंद्र यादव, उप महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा
इंटरनेट काम में पूरी सावधानी बरती जा ही है। एंटी वायरस बराबर चेक कर रहे हैं और नई साइट अनावश्यक रूप से नहीं खोल रहे हैं। केवल ग्राहकों का उतना काम ही चल रहा है, जितना आवश्यक है। काम में कोई कमी नहीं आ रही है। सामान्य दिनों की तरह ही सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है।
सौरभ गुप्ता, भवानी साइबर कैफे