खुटार क्षेत्र में वन्य पशुओं के पगमार्क देखते वनकर्मी। स्रोत वनकर्मी
खुटार। सियार, तेंदुआ, हाथी आदि के क्षेत्र में घूमने की सूचनाओं के बीच बरेली से डिवीजन स्तर पर वनकर्मियों की टीमों का गठन कर क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि नेपाली हाथियों का झुंड किशनपुर सेंक्चुरी से खुटार रेंज में आने की आशंका है। सियार भी गन्ने के खेतों में बड़ी संख्या में घूम रहे हैं। कई जगहों पर तेंदुए और बाघ आदि के देखे जाने की सूचना भी मिलती रहती है। इससे किसान परेशान हैं। रात में छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने जाना पड़ता है। ऐसे में वन्य पशुओं से खतरा बना रहता है। रखवाली न करने पर फसल को छुट्टा पशु फसल चर जाते हैं।
वन विभाग ने वन्य पशुओं के गांवों के आसपास पहुंचने की घटनाओं को संज्ञान लिया है। खुटार रेंज में डिप्टी रेंजर विकास प्रताप सिंह, अशोक चतुर्वेदी, वन दरोगा संजीव कुमार और संदीप कुमार के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। वनकर्मियों की टीमों ने रविवार को गांव केसरपुर कलां, केसरपुर खुर्द, भरकली गंज, रायपुर बिचपुरी, पिपिरिया मजरा, चकदाह फार्म, बिलंदापुर आदि में भ्रमण कर गन्ने के खेतों के आसपास वन्य पशुओं के पगमार्क ट्रेस किए। इस दौरान गांव के लोगों को भी जागरूक किया गया कि खेतों पर काम करने के लिए समूह में जाएं और लाठी-डंडे भी साथ में रखें। वन्य पशु दिखने पर दूरी बना लें और वनकर्मियों को सूचना दें, खुद ही वन्य पशु को भगाने का प्रयास न करें।
चार टीमें गठित की गई हैं। मैं खुद लगातार क्षेत्र भ्रमण पर हूं। वन्य पशुओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव, रेंजर खुटार