खुटार। शनिवार शाम एक ईंट भट्ठे पर काम करने के बाद झोपड़ी में बैठे परिवार के लोगों पर बाघ ने घुसकर हमला कर दिया। शूर होने पर बाघ भाग निकला। हमले में घायल दो बच्चो सहित चार लोगों को अस्पताल लाया गया। जहां उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
गांव सौंफ़री निवासी 35 वर्षीय बबलू खुटार कसबे के गोला रोड बाईपास पर एक ईंट भट्ठे पर परिवार सहित काम करता है। शनिवार को दिन में काम करने के बाद शाम को वह भट्ठे पर बनी झोपड़ी में परिजनों के साथ बैठा था। रात नौ बजे के बाद अचानक एक बाघ ने झोपड़ी में घुसकर हमला कर दिया। शोर मचाने पर पास में रहने वाले अन्य श्रमिक भी दौड़े तो बाघ मौके से चला गया। बाघ के हमले में बबलू, उनका 11 वर्षीय पुत्र निहाल, नौ वर्षीय पुत्र रेहान और सास नेशनजहाँ मामूली रूप से घायल हो गई। इसके बाद घायलों को सीएचसी लाया गया। जहां उपचार के बाद घर भेज दिया गया। डॉक्टर अंकित वर्मा ने बताया कि घायलों के हाथों पर जंगली जानवर के पंजे के निशान है। वहीं वनकर्मी बाघ नहीं किसी दूसरे जानवर के हमले की बात कह रहे हैं लेकिन भट्ठे पर काम करने वालों के और घायलों के अनुसार हमला करने वाला बाघ ही था।
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सूचना मिली थी। वनकर्मियों को तत्काल मौके पर भेजा गया है। मैं भी पहुंच रहा हूं। बाघ नहीं किसी दूसरे जंगली जानवर ने हमला किया है। बाकी जानकारी मौके पर पहुंच कर जांच के बाद ही पता लग सकेगी।
मनोज श्रीवास्तव वन क्षेत्राधिकारी खुटार रेंज