गांव रायपुर पटियात स्थित गोसेवा आश्रम ट्रस्ट की गोशाला में शनिवार और रविवार को चार गायों की मौत हो गई। गोशाला अध्यक्ष पर रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पशुपालन विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे है। गौरतलब है कि गांव रायपुर पटियात की गोशाला में जीवित गायों को कुत्ते और कौए नोच रहे थे। अमर उजाला में इस खबर के प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद तहसीलदार न्यायिक केएम दीक्षित ने निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी थी। रिपोर्ट में गायों के भीषण सर्दी के बाद भी खुले में पड़े रहने, गोशाला में भूसा, दाना आदि की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने, पशुओं के अत्यंत दुर्बल और बीमार होने, गोशाला को पट्टे की जमीन पर खोले जाने और मौके पर पट्टे की भूमि से अधिक भूमि पर कब्जा होने का जिक्र किया गया था, लेकिन इसके बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने अवकाश से वापस आने पर मामले का संज्ञान लिया तो सीवीओ के निर्देश पर खुटार के सरकारी पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. चंद्रशेखर की ओर से गोसेवा आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष मनोज वर्मा पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बाद पशुपालन विभाग और प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी मानकर चुप्पी साधकर बैठ गया। नतीजतन गोशाला में गायों के मरने का सिलसिला जारी है। शनिवार से लेकर रविवार शाम तक चार गायों ने बीमारी, सर्दी के कारण दम तोड़ दिया। पशु अस्पताल के प्रभारी डॉ. चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि सात गायें गंभीर रूप से बीमार हैं। बीमार गायों का इलाज किया गया है। सर्दी के कारण ज्यादा समस्या हो रही है।