शाहजहांपुर। दिनदहाड़े व्यापारी की गोली मारकर हत्या के दोषी पिता और दो पुत्रों समेत चार दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी की पत्रावली पर अलग से सुनवाई की जाएगी।
बंडा थाना क्षेत्र के गांव चिंतरपुर नवदिया के वेदप्रकाश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका जमीन की वजह से ब्लॉक रोड के रहने वाले जगदीश सिंह से विवाद चल रहा है। जगदीश के पिता दिलीप ने उनके परिवार से जमीन खरीदी थी लेकिन बाद में दोनों पक्षों में विवाद हो गया था।
30 जुलाई 2006 को सुबह दस बजे वेदप्रकाश के भाई अजय प्रकाश और श्याम बाबू बाइक से अपनी पेस्टीसाइड की दुकान पर बंडा जा रहे थे। पुवायां-बंडा मार्ग पर खड़े कृपाल सिंह, अनंगपाल सिंह, जगदीश सिंह, जगदीश के बेटे सोनू और अवनीश ने उनकी बाइक रुकवा ली। गाली-गलौज करते हुए कहा कि अजय प्रकाश बड़ा नेता बनता है। इन लोगों को मार दो।
उन लोगों ने लाइसेंसी बंदूकों और तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से अजय प्रकाश की मौत हो गई। श्यामबाबू भागता हुआ घर पहुंचा और परिजनों को बताया। वारदात थाने से थोड़ी दूरी पर अंजाम दी गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचक ने कृपाल सिंह का नाम निकालकर आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश आशीष वर्मा ने जगदीश, सोनू, अवनीश और अनंगपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कृपाल सिंह की पत्रावली पृथक की है। इस पर बाद में सुनवाई की जाएगी।