शाहजहांपुर। पांच सौ रुपये की रंजिश में किशोर की गोली मारकर हत्या के दोषी चार भाइयों को एडीजे (पंचम) ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 24-24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कलान थाना क्षेत्र के भैसार गांव के रहने वाले चरन सिंह ने बताया कि 22 मई 2014 को उनके छोटे भाई 17 वर्षीय अर्जुन की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के मूल में पांच सौ रुपये का विवाद था।
चरन सिंह ने बताया कि दोषियों का बहनोई ट्रैक्टर लेकर गांव में रहता था। उसके ट्रैक्टर से अपने खेत की जुताई कराई थी। पांच सौ रुपये प्रति घंटा तय हुआ था। छह घंटे ट्रैक्टर चलाने के बाद 2500 रुपये दे दिए थे। अगले दिन पिता राजबहादुर पांच सौ रुपये देने गए तो दूसरे पक्ष के लोगों ने एक घंटा और बढ़ाकर सात घंटे के रुपये मांगे।
राजबहादुर ने विरोध किया तो उन लोगों ने उन्हें पीट दिया था। घटना के चार महीने के बाद चरन सिंह ने विपक्षी के पिता सिपट्टर को घेरकर पीट दिया था। चरन सिंह ने बताया कि इसी खुन्नस में हमलावराें ने उनके छोटे भाई अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी। अर्जुन मैनपुरी के महमंदाबाद में बीए का छात्र था। वह छुट्टी पर घर आया था। घर से दक्षिण दिशा में बने बाग में पेशाब करते समय हमलावरों ने गोली मारी।
चरन सिंह की तहरीर पर कलान पुलिस ने सिपट्टर सिंह के चार बेटों मंगली, दलवीर सिंह उर्फ कल्लू, बसंत व साधू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मंगली, दलवीर सिंह, बसंत और साधू सिंह को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।