खुटार (शाहजहांपुर)। दरोगा की वर्दी पहनकर दो साल से खुटार और आसपास रौब गांठ रहे मथुरा के थाना कृष्णानगर के जनकपुरी निवासी गौरव शर्मा को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गौरव के पिता दरोगा हैं। मोबाइल में दो आईकार्ड के फोटो भी मिले हैं।
गौरव शर्मा दो साल से खुटार में खुद को दरोगा बताकर घूम रहा था। वह बावर्दी घूमता था और लोगों को बताता था कि उसकी तैनाती एडीजी स्तर के अधिकारी से सीधे हुई है। गौरव कार से आसपास के क्षेत्र के अलावा पीलीभीत और लखीमपुर भी आता-जाता था।
सोमवार रात वाहन चेकिंग के दौरान उसे वर्दी में देख खुटार थाने के एसएसआई सुभाषचंद्र ने पूछताछ की तो गौरव सही जवाब नहीं दे सका और उसकी पोल खुल गई। गौरव को थाने लाकर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पूछताछ की गई, लेकिन उसने पुलिस को खास जानकारी नहीं दी। बाद में उसका चालान कर दिया गया।
थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि गौरव शर्मा ने पूछताछ में बताया है कि उसके पिता सब इंस्पेक्टर हैं। वह खुटार नगर पंचायत सदस्य संजय त्रिपाठी के मकान में डेढ़ साल से किराये पर रह रहा था। कुछ दिन एक अन्य मकान में भी किराये पर रहा। गौरव ने बताया कि वह दरोगा की वर्दी शौक में और जनता मे रौब दिखाने के लिए पहनता था।
वर्दी के कारण टोल टैक्स से भी बच जाता था। गौरव के पास से मिले मोबाइल में उसके पिता के नाम का एक आईकार्ड और एक पुलिस आईकार्ड अन्य व्यक्ति के नाम का मिला है। गौरव शर्मा के पिता गाजियाबाद में थाना शालीमार गार्डन में तैनात हैं।
खुटार में दो साल से क्यों रह रहा था गौरव, नहीं पता लगा सकी पुलिस
मथुरा के गौरव शर्मा के फर्जी दरोगा बनकर शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर में घूमने के मामले को पुलिस ने बेहद हल्के ढंग से लिया है। पूछताछ में भी गौरव से कुछ खास नहीं जाना जा सका। गौरव खुटार में फर्जी दरोगा बनकर दो साल से क्यों रह रहा था? वह कहां आता-जाता था और कार चलाने सहित तमाम खर्चें कहां से पूरे करता था, यह अब तक पता नहीं चल सका है। गौरव के साथ एक स्थानीय युवक भी रहता था, उसे पुलिस ने नहीं पकड़ा है। थाना प्रभारी का भी कहना है कि गौरव वर्दी में इस कारण रहता था कि उसकी अच्छी जगह शादी हो सके, लेकिन इसके लिए गौरव ने खुटार को ही क्यों चुना, यह सवाल है। गौरव के पास किराये के मकान से बाहर जाते समय हमेशा एक डायरी भी रहती थी। नेपाल सीमा के नजदीक के पीलीभीत और लखीमपुर जनपदों में गौरव की आवाजाही से भी कई सवाल उठ रहे हैं। गौरव के पकड़े जाने के बाद उसके पास से कार में टंगी पुलिस की एक वर्दी, चार पीतल के स्टार, पीतल के यूपीपी लिखे दो बैच, एक जोड़ी लाल जूते, पुलिस कैप, यूपीपी लिखा गरम टोपा, डंडा, मोबाइल और कार बरामद की गई है।
एक ही मकान में पुलिसकर्मियों के साथ रहा था गौरव
जिस मकान में गौरव शर्मा ऊपर की मंजिल पर किराये पर रहता था, उसमें नीचे दो सिपाही भी किराये पर रहते हैं। इसके अलावा गौरव का थाने के कई पुलिसकर्मियों के साथ उठना-बैठना था, लेकिन असली पुलिसकर्मी यह नहीं जान सके कि उनके साथ रहने और बैठने वाला दरोगा नकली है।
एक कार को रोका गया था, जिस पर पुलिस लिखा था। अंदर पुलिस की वर्दी भी टंगी थी। कार चालक ने खुद को दरोगा बताया, जबकि वह वास्तविकता में दरोगा नहीं था। तथ्यों के आधार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां