शाहजहांपुर। सुप्रीमकोर्ट ने पैदल चलने वालों के लिए सड़कों पर फुटपॉथ की जरूरत को मौलिक अधिकार माना है लेकिन शहर की सड़कों पर पैदल निकलना काफी मुश्किल है। फुटपाथ की जगह पर अतिक्रमणकारी हावी हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के ध्यान नहीं देने के कारण सड़कों से फुटपाथ गायब हो गए हैं।
नगर निगम की ओर से सड़क पर अतिक्रमण रोकने के लिए लाखों रुपये खर्च करके स्टील की रेलिंग लगाई गई है। इसके बावजूद लोग रेलिंग के बाहर अतिक्रमण कर रहे है। दुकानों के बाहर दो पहिया वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इनकी वजह से राहगीरों को चलना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर आशीष त्रिवेदी ने बताया कि शहर की अधिकतर सड़कें कम चौड़ी हैं। इसकी वजह से फुटपाथ बनाना संभव नहीं है। जहां पर सड़कें चौड़ी है, वहां पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए फुटपाथ के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
कचहरी के बाहर सड़क पर ही बना दी वाहन पार्किंग
कचहरी में रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। इसी मार्ग पर कलक्ट्रेट और एसपी कार्यालय है। दिनभर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यहां से गुजरते हैं। सड़क पर पार्किंग होने की वजह से यहां पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ठेले वाले भी कब्जा जमाए रहते हैं। अधिवक्ताओं के लिए डीआईओएस कार्यालय में पार्किंग बनाई गई है। पैदल चलने वाले राहगीरों को सड़क से होकर गुजरना होता है जो कि काफी खतरनाक है।
रोडवेज बस स्टैंड से लेकर स्टेशन तक अतिक्रमण
रोडवेज के आसपास लोगों ने सड़क किनारे कब्जा करके खोखे रख लिए है। यह बहुत व्यस्त क्षेत्र है। पुलिस भी तैनात रहती है, लेकिन ठेलों और खोखा वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती है। सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण है। यहां पर ई-रिक्शा और डग्गामार वाहन भी खड़े रहते हैं। यहां से पैदल निकलना काफी मुश्किल है। महिला थाने के सामने पुवायां जाने वाले मार्ग पर निकलने की जगह बहुत कम है। यही हाल जलालनगर जाने वाले मार्ग का है।
बहादुरगंज में पैदल निकलना भी मुश्किल
बहादुरगंज में फल विक्रेताओं ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है। बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सदर बाजार में भी लोग दुकानों के बाहर वाहन खड़े कर देते हैं। इसकी वजह से जाम की स्थिति बन जाती है। कनौजिया मोड़ पर दुकानों और अस्पतालों के बाहर वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। यहां भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग पर फुटपाथ होने के बावजूद लोगों का पैदल चलना मुश्किल है।
अजीजगंज में दोनों ओर फल-सब्जी का बाजार
राजघाट चौकी के आगे गर्रा पुल पार करते ही अजीजगंज क्षेत्र में फल और सब्जी की मार्केट लगती है। सड़क की चौड़ाई अच्छी-खासी होने के बावजूद यहां पर शाम को जाम की समस्या बनी रहती है। फुटपाथ पर कब्जा होने की वजह से लोगों को सड़क पर पैदल चलना पड़ता है। पुल पर भी लोग फड़ लगाकर सामान बेचते हैं। पुल के फुटपाथ पर कुछ स्लैब टूटे हुए हैं। यहां पर अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के अधिकारी रुचि नहीं लेते हैं।
महिला थाने के सामने खड़े रहते वाहन
महिला थाने के सामने पुवायां और निगोही की ओर जाने वाले मार्ग पर दिनभर ऑटो, ई-रिक्शा और डग्गामार वाहन खड़े रहते हैं। यहां पर टाटा मैजिक वाहन में भी यात्रियों को बैठाया जाता है। ओवरलोड चलने वाले इन वाहनों से हादसे की आशंका बनी रहती है। चौराहे का काफी हिस्सा वाहनों के घेर लेने के कारण रोडवेज और ई-बसों का निकलना मुश्किल हो जाता है। पैदल जाने वाले लोगों के लिए तो जगह ही नहीं बचती है। लोग बहुत ही सावधानी से यहां से निकलते हैं वरना हादसे की आशंका बनी रहती है। तमाम ठेले वाले भी यहीं पर खड़े रहते हैं। आसपास पुलिस के रहने के बावजूद न डग्गामार वाहन चालक मानते हैं और न ही ठेले वालों की मनमानी पर लगाम लगती है।
लोगों की बात
शहर की अधिकतर फुटपाथ पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसकी वजह से पैदल चलने वालों लोगों को दिक्कत होती है। हादसे का खतरा भी बना रहता है।
- अजीत श्रीवास्तव, खिरनीबाग
-
पैदल चलने वाले लोगों के लिए फुटपाथ होना बहुत जरूरी है। सुप्रीमकोर्ट ने इस पर अच्छा फैसला दिया है। शहर में इसका कितना पालन होगा, यह देखा जाना चाहिए।
-दुष्यंत, मोहनगंज
अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। शहर की सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। उनके खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी। सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का पालन कराया जाएगा।
-सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद
कचहरी के बाहर सड़क पर खड़े दो पहिया वाहन। संवाद