शाहजहांपुर। यूनिवर्सिटी में पानी का स्टाक खत्म हो चुका है। खाने-पीने के स्टॉक पर भी मुसीबत आकर खड़ी हो गईं। जिन सड़कों पर आमतौर पर हर समय भीड़ रहती थी। रूस के हमले के बाद वहां सन्नाटा पसरा पड़ा है। इंटरनेट के बंद होने की आशंका भी बढ़ गई है। यह सब बताते हुए भी मोहल्ला खलीलगर्वी निवासी डॉ. अब्दुल मजीद खान और ददरौल पीएचसी पर कार्यरत शाकरा बेगम की बेटी इतेसाम खान उर्फ जिया के चेहरे पर डर और दहशत के भाव नहीं थे। हिंदुस्तान की यह बेटी मुश्किल समय में अपने माता-पिता से वीडियो कॉल करते हुए मुस्कुरा रहीं थी। वह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है।
उसने बताया कि विनस्तियां में जहां पर हम लोगों का हास्टल है। वहां से करीब 300 किलोमीटर दूर हमला हुआ है। हम लोगों को धमाके की आवाज सुनाई नहीं दे रही है, लेकिन सुबह छह बजे एक्टिवेशन सायरन बजाकर ब्लास्ट होने का अलर्ट दे दिया गया। उसने बताया कि सरकार से ट्विटर और फेसबुक के जरिये यूक्रेन से सुरक्षित निकाले जाने की अपील छात्र-छात्राएं कर रहे हैं।
छात्रों को सुरक्षा के लिए बंकर में जाने के लिए कहा गया
डॉ. अब्दुल मजीद ने बताया कि बेटी से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। हमले के बाद अलर्ट घोषित कर दिया गया। हास्टल पर वार्डन सख्त हो गईं। किसी को बिना अनुमति के हास्टल से बाहर जाने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि हमले के बाद बेटी व अन्य छात्रों को सुरक्षा के लिए बंकर में जाने के लिए कहा था। हालांकि, बेटी सुरक्षित माहौल में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत सरकार यूक्रेन में फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालेगी।
इला खान का परिवार परेशान
मोहम्मद जई निवासी रहबर खान की बेटी इला खान भी विनस्तियां में एमएमबीएस की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन पर हमले के बाद से पूरा परिवार काफी परेशान है। बेटी से लगातार संपर्क बनाकर उसे हिम्मत दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमले से पहले ही बेटी को वापस आने के लिए कहा था, लेकिन अगले महीने परीक्षा होने के कारण उसने आने से इनकार कर दिया। उम्मीद जताई है कि भारत सरकार जरूर ही कोई उचित कदम उठाकर बच्चों को अपनों के पास पहुंचा देगी।
सुरक्षित जगह पर बेटी, बाहर निकलने पर पाबंदी
शहर के रंगीन चौपाल निवासी और रेडीमेड कपड़ा कारोबारी सलीमुद्दीन की बड़ी बेटी सदफ भी यूक्रेन की सिटी विनित्सिया स्थित विनित्सिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। वह हॉस्टल में रह रही है। सलीमुद्दीन के मुताबिक उनकी बेटी सुरक्षित जगह पर है। सलीमुद्दीन ने बताया कि उनके तीन बच्चों में बेटी सदफ सबसे बड़ी है। यूक्रेन में तनाव की स्थिति होने पर सभी को उसकी चिंता हो रही थी, लेकिन वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बात होने पर बेटी को लेकर सभी चिंताएं दूर हो गईं हैं।
बताया कि जिस जगह पर तनाव की स्थिति बनी हुई है, वह फिलिप्सा से 400 किमी दूर है। हालांकि लोगों को बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। इसको ध्यान में रखकर बेटी ने अपने खाने-पीने की चीजें इकट्ठा कर ली हैं। सलीमुद्दीन ने कहा कि यूक्रेन व रूस के बीच तनाव जल्द शांत हो जाए, इसके लिए दुआ कर रहे हैं। फिलहाल बेटी को वापस बुलाने के बारे में नहीं सोच रहे है। हालात ठीक होने का इंतजार है।
26 का बुक था अंशिका का टिकट, पर बिगड़े हालत
शाहजहांपुर। चमकनी करबला स्थित बृज बिहार कॉलोनी निवासी स्वामी धर्मानंद इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ. अमीर सिंह की बेटी अंशिका यादव यूक्रेन की एक मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही हैं। यूक्रेन के हालत खराब होने के बाद अमीर सिंह यादव ने 26 फरवरी को बेटी की वापसी का टिकट बुक कराया था। लेकिन, उससे पहले ही हालत बिगड़ गए हैं। उड़ानें भी बंद हो गईं। ऐसे में डॉ. अमीर सिंह और उनकी पत्नी वंदना यादव काफी परेशान हैं, साथ ही परिवार के अन्य सदस्य भी चिंतित हैं। वह लगातार बेटी से संपर्क बनाए हुए हैं। संवाद
यूक्रेन प्रकरण। अंशिका। शाहजहांपुर। - फोटो : SHAHJAHANPUR